दो साथियों के साथ मिलकर रची थी लूट की कहानी, पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.05 लाख रुपये, बाइक और तीन मोबाइल किए बरामद।
दमोह देहात थाना क्षेत्र में माइक्रो फाइनेंस कंपनी की कलेक्शन राशि लूटने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिस युवक ने खुद को लूट का फरियादी बताया था, वही पूरी साजिश का मुख्य सरगना निकला। पुलिस ने फरियादी समेत उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर 1 लाख 5 हजार रुपये नगद, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार 8 अगस्त 2026 को जबलपुर नाका चौकी, थाना दमोह देहात क्षेत्र में माइक्रो फाइनेंस कंपनी की कलेक्शन राशि लूटे जाने की सूचना मिली थी। फरियादी धनश्याम अहिरवार ने पुलिस को बताया था कि दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उसके साथी ट्रेनी के हाथ से कलेक्शन की रकम से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 549/2026 के तहत धारा 309(4) बीएनएस एवं अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुलने लगी साजिशघटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के करीब 50 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया तथा मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को फरियादी की भूमिका पर संदेह हुआ। इसके बाद धनश्याम अहिरवार से जब पुलिस ने गहन पूछताछ की तो कथित लूट की पूरी कहानी सामने आ गई।
दो साथियों के साथ मिलकर बनाई थी लूट की योजना
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में धनश्याम अहिरवार ने अपने साथी संजय सौर और रोहित उर्फ वीरेन्द्र रजक, दोनों निवासी ग्राम पिपरिया, थाना सुरखी, जिला सागर के साथ मिलकर लूट की योजना बनाना और घटना को अंजाम देना स्वीकार किया।पुलिस के अनुसार आरोपियों को लूट की रकम में से करीब 1 लाख 17 हजार 335 रुपये प्राप्त हुए थे। इसमें से लगभग 12 हजार 335 रुपये खर्च करने के बाद शेष 1 लाख 5 हजार रुपये आपस में बांट लिए गए थे।वहीं, घटना के बाद फरियादी द्वारा पुलिस को अज्ञात आरोपियों द्वारा लूट किए जाने की कहानी बताकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस की जांच में यही कहानी झूठी निकली और फरियादी ही साजिश में शामिल मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, रकम और सामान बरामद
पुलिस ने मामले में धनश्याम अहिरवार उम्र 21 वर्ष, संजय सौर उम्र 22 वर्ष और रोहित उर्फ वीरेन्द्र रजक उम्र 18 वर्ष को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर 1 लाख 5 हजार रुपये नगद, घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद सामग्री की कुल कीमत करीब 1 लाख 83 हजार रुपये बताई गई है।पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम की सक्रियता से खुला मामला
पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत भदौरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक ए.आर. पाण्डेय के निर्देशन में किया गया। दमोह देहात थाना पुलिस और जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ते हुए कथित लूट की साजिश का पर्दाफाश किया।इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दमोह देहात निरीक्षक धर्मेन्द्र उपाध्याय सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
