JE अब दफ्तर में बैठेंगे, दीवार पर लिखेंगे मोबाइल नंबर और मिलने का समय; बाकी शिकायतों के लिए 7 दिन की डेडलाइन
(डॉ. एल.एन.वैष्णव)
दमोह। विद्युत विभाग से जुड़ी शिकायतों को लेकर दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अब सख्त रुख अपनाया है। आम उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण हो, इसे लेकर जिला मुख्यालय स्थित संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के सभा कक्ष में विद्युत विभाग की विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक की खास बात यह रही कि यह बैठक सामान्य विभागीय समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि सीधे विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं और उनके समाधान पर केंद्रित रही। कलेक्टर के निर्देश पर प्राप्त शिकायतों को सामने रखकर अधिकारियों से जवाब लिया गया और मौके पर ही कई समस्याओं के समाधान के निर्देश जारी किए गए।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण और जनसुनवाई के दौरान लगातार विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतें सामने आ रही थीं। लोगों की शिकायत थी कि बिजली से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो रहा है और समस्या लेकर संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।इसी के बाद कलेक्टर के फेसबुक पेज के माध्यम से भी आम लोगों से विद्युत संबंधी शिकायतें और समस्याएं साझा करने का आग्रह किया गया। इस पहल के बाद करीब 800 कमेंट्स और शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों की विशेष बैठक बुलाकर एक-एक समस्या पर चर्चा की।
बैठक में जिलेभर के बिजली अधिकारियों से लिया गया जवाब

समीक्षा बैठक में जिले के सभी JE, AE, DE और SE स्तर के अधिकारियों के साथ सागर संभाग के CE भी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने क्षेत्रवार विद्युत समस्याओं की जानकारी ली और अधिकारियों से शिकायतों के निराकरण की स्थिति पर चर्चा की।प्राप्त शिकायतों में से लगभग 120 समस्याओं का निराकरण बैठक के दौरान ही कर दिया गया। वहीं शेष शिकायतों को लंबित रखने के बजाय उनके समाधान के लिए अधिकारियों को अधिकतम सात दिन की समयसीमा दी गई है। अधिकारियों को तय समय के भीतर शिकायतों का निराकरण कर इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
‘ऑफिस में कोई नहीं बैठता’—जनता की शिकायत पर कलेक्टर ने लिया फैसला
बैठक में एक महत्वपूर्ण समस्या यह भी सामने आई कि कई क्षेत्रों में विद्युत विभाग के कार्यालयों में संबंधित अधिकारी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते। पथरिया, हिंडोरिया और जबेरा सहित अन्य क्षेत्रों से आए लोगों ने बताया कि समस्या लेकर कार्यालय पहुंचने पर अधिकारी नहीं मिलते, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी होती है।इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी 18 DC के JE प्रभारी अपने-अपने कार्यालय में निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से बैठेंगे। इतना ही नहीं, कार्यालय की दीवार पर संबंधित JE का मोबाइल नंबर और जनता से मिलने का समय भी स्पष्ट रूप से लिखा जाएगा।इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि आम उपभोक्ता को यह पता रहे कि उसकी समस्या लेकर किस अधिकारी से संपर्क करना है और वह अधिकारी किस समय कार्यालय में उपलब्ध रहेगा।
एक सप्ताह में समाधान नहीं तो होगी समीक्षा और जिम्मेदारी तय
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शासन द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर विद्युत संबंधी शिकायतों का निराकरण हर हाल में किया जाए। अधिकतम एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान होना चाहिए।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समयसीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं हुआ तो मामला केवल लंबित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी समीक्षा की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।कलेक्टर ने कहा कि यह पहली बैठक है, लेकिन आखिरी नहीं। विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर सागर संभाग के CE को भी बुलाकर उनकी उपस्थिति में पूरे जिले की शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में जनप्रतिनिधियों की भी रही मौजूदगी
विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में दमोह विधायक जयंत मलैया, हटा विधायक उमा देवी खटीक, सांसद प्रतिनिधि तथा पथरिया और जबेरा के विधायक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।दमोह विधायक जयंत मलैया ने कलेक्टर द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए इस प्रकार की विशेष बैठक आयोजित किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि तीन दशक से अधिक के अपने विधायक कार्यकाल में उन्होंने विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर इस तरह की व्यापक समीक्षा बैठक पहली बार देखी है।उन्होंने कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेकर उनके समाधान की दिशा में इस प्रकार की पहल निश्चित रूप से सराहनीय है।
दो घंटे चली बैठक, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
करीब दो घंटे चली बैठक में विद्युत विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कई मामलों में अधिकारियों से मौके पर ही जानकारी ली गई और जहां कमी पाई गई, वहां सुधार के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने अधिकारियों को यह संदेश भी दिया कि आम जनता और विभाग के बीच संवाद मजबूत होना जरूरी है। यदि उपभोक्ता अपनी समस्या लेकर अधिकारी तक ही नहीं पहुंच पा रहा है, तो समस्या के समाधान की व्यवस्था प्रभावी नहीं मानी जा सकती।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता के साथ नियमित संवाद रखें, शिकायतों को गंभीरता से सुनें और उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखें।
1912 पर भी दर्ज करा सकते हैं शिकायत
कलेक्टर ने आम उपभोक्ताओं से अपील की कि विद्युत संबंधी समस्या होने पर विभाग के टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं। इन शिकायतों की भी नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी।यह देखा जाएगा कि कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं, उनका निराकरण किस स्तर पर है और कितनी शिकायतें निर्धारित समयसीमा में हल की गईं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी समस्या के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि जनता की समस्या का समाधान उसके नजदीक ही हो और उसे अपनी शिकायत के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
