राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने तहसील मैदान में किया ध्वजारोहण, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश सुना गया; 1500 विद्यार्थियों ने किया पीटी प्रदर्शन, उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी और लोकतंत्र सेनानी हुए सम्मानित
(डॉ.एल.एन.वैष्णव)
दमोह। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दमोह में देशभक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। रात से जारी तेज और मध्यम बारिश के बावजूद तहसील मैदान में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में बड़ी संख्या में छात्र, युवा, बुजुर्ग और आमजन पहुंचे। प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेंद्र सिंह लोधी ने मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर जिलेवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया, जिसे समारोह में मौजूद अतिथियों और जनसमूह ने देखा और सुना। इस दौरान भोपाल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह की झलकियां भी दिखाई गईं।
राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि लगातार बारिश के बावजूद दमोहवासियों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी यह बताती है कि जिले में देशभक्ति की भावना मजबूत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर घर तिरंगा अभियान के तहत लोगों ने अपने घरों पर तिरंगा फहराया और तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर राष्ट्रभक्ति का संदेश साझा किया।
विकास कार्यों का रखा गया ब्यौरा
मुख्य समारोह में राज्यमंत्री ने जिले में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि दमोह को पन्ना और छतरपुर से जोड़ने वाले मडियादों-बर्धा-किशनगढ़ मार्ग के 27.80 किलोमीटर चौड़ीकरण के लिए 74 करोड़ 44 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 100.52 किलोमीटर लंबाई के 21 मार्गों का 147 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य प्रगतिरत है।
उन्होंने बताया कि दमोह-पटेरा और जबेरा-तेंदूखेड़ा समूह जल प्रदाय योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे जिले के 657 गांवों में जल प्रदाय किया जा रहा है। सतधरु मध्यम सिंचाई परियोजना में बांध का कार्य 100 प्रतिशत और नहर का 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
शिक्षा के क्षेत्र में छह सांदीपनि विद्यालयों के फिनिशिंग कार्य को नवंबर-दिसंबर तक पूरा किए जाने की संभावना जताई गई। 18 पीएमश्री विद्यालयों में अटल लैब और खेल मैदान निर्माण तथा 12 हायर सेकेंडरी विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष और विज्ञान प्रयोगशालाओं का निर्माण प्रगतिरत बताया गया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 355 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत से नवीन चिकित्सा महाविद्यालय भवन का निर्माण पूरा होने की जानकारी दी गई। पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 29 उप स्वास्थ्य केंद्र और चार बीपीएचयू भवनों के निर्माण एवं विकास कार्यों के साथ जिला चिकित्सालय में 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक का निर्माण भी बताया गया।
1500 विद्यार्थियों ने किया पीटी प्रदर्शन, बारिश ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को रोका
समारोह में विभिन्न विद्यालयों के करीब 1500 छात्र-छात्राओं ने सामूहिक पीटी और व्यायाम प्रदर्शन किया। सांदीपनि विद्यालय और सेंट नार्बट स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, लेकिन अचानक तेज बारिश शुरू होने के कारण कार्यक्रमों को बीच में रोकना पड़ा। विद्युत आपूर्ति भी बंद की गई।
बारिश के बीच विद्यार्थियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में बदलाव के कारण विद्यार्थियों को दोबारा मैदान में आने की स्थिति बनने की चर्चा भी रही। इसी दौरान दो विद्यार्थियों के बेहोश होने की चर्चा सामने आई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी हुए सम्मानित
समारोह में राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और सांसद राहुल सिंह लोधी ने पुलिस-प्रशासन सहित विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। लोकतंत्र सेनानियों का भी माला, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री के संदेश में जनविश्वास अभियान पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने लाइव संदेश में कहा कि लोक का तंत्र पर भरोसा सुशासन की पहली सीढ़ी है। उन्होंने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि अभियान का लक्ष्य ‘न देरी, न दूरी’ है। अभियान का प्रथम चरण 8 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपये के बजट, किसान कल्याण, सिंचाई, दुग्ध उत्पादन, लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित सरकार की विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी दी।
ये रहे मौजूद
समारोह में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुभाष सोलंकी, सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक जयंत मलैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह, पूर्व विधायक पी.एल. तंतुवाय, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव, पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी, डीएफओ ईश्वर जरांडे, जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे, अतिरिक्त कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी, एसडीएम सौरभ गंधर्व सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
स्वतंत्रता दिवस समारोह की झलकियां, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

तेज बारिश से सांस्कृतिक कार्यक्रम रोकने पड़े
समारोह के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू होने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बीच में रोकना पड़ा। सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था को देखते हुए बिजली सप्लाई भी बंद की गई। बारिश के कारण विद्यार्थियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बदली व्यवस्था से विद्यार्थियों को दोबारा मैदान में आना पड़ा
पूर्व वर्षों की तुलना में इस बार कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और नियमों में कुछ बदलाव किए जाने की चर्चा रही। इसके चलते छात्र-छात्राओं को दोबारा मैदान में आने की स्थिति बनी। इसी दौरान दो विद्यार्थियों के बेहोश होने की चर्चा भी सामने आई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मंच पर भी बनी असहज स्थिति
समारोह के दौरान मंच पर कुछ लोगों की मौजूदगी को लेकर भी स्थिति असहज होने की चर्चा रही। बताया गया कि एक उद्घोषक को माइक से मंच खाली करने के लिए कहना पड़ा। इसके बाद पुलिस से भी मंच खाली कराने के लिए कहा गया। इस घटनाक्रम ने मंच व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर सवाल खड़े किए।
लोकतंत्र सेनानियों की बैठक व्यवस्था पर नाराजगी
सरकार द्वारा विशेष सम्मान और दर्जा प्राप्त लोकतंत्र सेनानियों की बैठक व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी की चर्चा रही। सवाल उठे कि ऐसे सम्मानित अतिथियों के बैठने और सुविधाओं की व्यवस्था को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई।
पत्रकारों की बैठक व्यवस्था भी रही अव्यवस्थित
समारोह की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों को भी बैठक व्यवस्था को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बीच समाचार कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के लिए बेहतर और व्यवस्थित व्यवस्था की अपेक्षा थी।
मिष्ठान के पैकेट को लेकर भी चर्चा
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले कुछ प्रतिभागियों को मिष्ठान के एक-दो पैकेट मिलने और कई प्रतिभागियों को पैकेट नहीं मिलने की चर्चा रही। बारिश के बीच कुछ कलाकार मिष्ठान के पैकेट के लिए परेशान दिखाई दिए। हालांकि मिष्ठान की कुल मात्रा और वितरण का आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।
इन सभी बिंदुओं की वास्तविक स्थिति और आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग या प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। बारिश जैसी आकस्मिक परिस्थिति में कुछ व्यवस्थाओं का प्रभावित होना संभव है, लेकिन राष्ट्रीय पर्व जैसे बड़े आयोजन में वैकल्पिक व्यवस्थाओं की तैयारी और जिम्मेदार अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर उठे सवालों पर प्रशासन की स्पष्टता अपेक्षित है।
