कंधों पर कांवड़, जुबां पर भोलेनाथ का नाम और कदमों में आस्था; करीब 3 किलोमीटर की पैदल यात्रा में भक्ति के रंग में रंगे नजर आए शिवभक्त
दमोह। सावन माह की धार्मिक आस्था और शिवभक्ति से सराबोर वातावरण के बीच दमोह शहर में शिवभक्तों द्वारा भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। असाटी वार्ड से प्रारंभ हुई यह कांवड़ यात्रा करीब तीन किलोमीटर का मार्ग तय करते हुए प्रसिद्ध जटाशंकर धाम पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शिवभक्त शामिल हुए। कांवड़ियों के कंधों पर सजी कांवड़ और जुबां पर भगवान शिव के जयकारों से शहर का वातावरण पूरी तरह शिवमय नजर आया।
कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्त सनातन धर्म की मान्यताओं और परंपराओं के अनुरूप पवित्र जल लेकर पैदल जटाशंकर धाम पहुंचे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान और श्रद्धाभाव के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया तथा परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया।
>कंधे पर कांवड़, कदम-कदम पर गूंजे भोलेनाथ के जयकारे
असाटी वार्ड से यात्रा शुरू होने के बाद जैसे-जैसे कांवड़ यात्रा आगे बढ़ी, श्रद्धालुओं की संख्या और उत्साह भी बढ़ता गया। शिवभक्त अपने कंधों पर कांवड़ लेकर भक्ति भाव के साथ पैदल चलते नजर आए। यात्रा के दौरान हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा।
कांवड़ यात्रा में शामिल महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने धार्मिक गीतों और भजनों पर उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों की धुन पर नृत्य करते हुए आगे बढ़ते नजर आए। ढोल-नगाड़ों और धार्मिक संगीत के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
>भक्ति में डूबे नजर आए महिला-पुरुष श्रद्धालु
कांवड़ यात्रा की सबसे खास बात श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह रहा। महिलाएं और पुरुष दोनों बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल हुए। हाथों में धार्मिक ध्वज, कंधों पर कांवड़ और चेहरे पर भगवान शिव के प्रति श्रद्धा का भाव लिए श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ जटाशंकर धाम की ओर बढ़ते रहे।
यात्रा के दौरान कई स्थानों पर लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया। रास्ते भर धार्मिक वातावरण बना रहा और शहरवासियों में भी कांवड़ यात्रा को लेकर उत्साह देखने को मिला।
> जटाशंकर धाम पहुंचकर किया भगवान शिव का जलाभिषेक
करीब तीन किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद कांवड़ यात्रा स्थानीय जटाशंकर धाम पहुंची। यहां शिवभक्तों ने अपनी कांवड़ में लाए पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और भगवान शिव के प्रति समर्पण का अवसर रहा। कांवड़ में पवित्र जल लेकर पैदल चलने और उसे भगवान शिव को अर्पित करने की परंपरा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने सनातन धार्मिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
