‘उल्लास-एक अभिनव प्रयोग’ के तहत जिला न्यायालय परिसर में सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन, विजेता और प्रतिभागी हुए पुरस्कृत
दमोह, 17 अगस्त 2026। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष सुभाष सोलंकी के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय परिसर दमोह में ‘उल्लास-एक अभिनव प्रयोग’ के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्यायालयीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और कला-कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक गतिविधियों में हिस्सा लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने जिला न्यायालय परिसर में उत्साह, उमंग और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण निर्मित कर दिया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने, मंच पर अपनी बात रखने और रचनात्मक सोच विकसित करने का अवसर मिला।
आयोजन के दौरान बच्चों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला और कौशल का परिचय दिया। उनकी प्रस्तुतियों को उपस्थित न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सराहा। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ उनकी अन्य प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना तथा उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने के लिए उपयुक्त मंच उपलब्ध कराना रहा।
इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष सुभाष सोलंकी ने कहा कि प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को अपनी क्षमताओं और कौशल को विकसित करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे के अंदर कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, आवश्यकता इस बात की है कि उस प्रतिभा को पहचानकर उसे आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर दिया जाए।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों की प्रतिभाओं पर विशेष ध्यान दें और उनकी रुचि के अनुरूप उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। प्रतियोगिताओं में भाग लेने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी क्षमताओं को बेहतर तरीके से सामने रख पाते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह की सचिव उषाकांता कृषाण ने ‘उल्लास-एक अभिनव प्रयोग’ के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों की जानकारी देते हुए न्यायालयीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों से विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस अभिनव पहल के अंतर्गत पौधारोपण, स्वास्थ्य परीक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से सहभागिता, सामाजिक जिम्मेदारी, स्वास्थ्य जागरूकता और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ‘उल्लास-एक अभिनव प्रयोग’ के तहत आयोजित होने वाली गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) उदय सिंह मरावी, जिला न्यायाधीश संतोष गुप्ता, पंकज कुमार वर्मा, विश्वनाथ शर्मा, अमर गोयल, धर्मेश भट्ट, पंकज शर्मा, अनुराग सिंह कुशवाह, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी स्नेहा सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट आज्ञा अग्रवाल, निलेश मुलतकर, दीर्घा ऐरन, पलक सिंघई, उत्कर्ष दिवाकर सहित न्यायालयीन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने ‘उल्लास-एक अभिनव प्रयोग’ के उद्देश्य एवं इसके तहत आयोजित की जा रही गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अभिभावकों और प्रतिभागी बच्चों का आभार व्यक्त किया।
प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए शील्ड एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। विजेता प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने के दौरान बच्चों के चेहरे पर उत्साह और खुशी दिखाई दी। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का मंच संचालन सहायक ग्रेड-3 यश तिवारी ने किया। आयोजन को सफल बनाने में राजेन्द्र विदौल्या, प्रांतीय सह सचिव, मध्यप्रदेश न्यायिक कर्मचारी संघ का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी बच्चों को शील्ड एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और बच्चों की प्रतिभा से सजा यह आयोजन ‘उल्लास-एक अभिनव प्रयोग’ के उद्देश्य को सार्थक करता नजर आया तथा बच्चों को अपनी प्रतिभा और कौशल को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करने वाला रहा।
