परचम कुशाई के बाद पारंपरिक मार्गों से गुजरेगा जुलूस, पुनः मुर्शिद बाबा मैदान में होगा समापन
दमोह। जश्न-ए-ईद-मिलाद-उन-नबी ﷺ के मुकद्दस अवसर पर जश्न ईद मिलाद उन नबी शहर कमेटी द्वारा आयोजित 12 दिवसीय विशेष दीनी एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का बुधवार, 26 अगस्त 2026 को भव्य एवं ऐतिहासिक समापन होगा। समापन अवसर पर सुबह मुर्शिद बाबा मैदान में परचम कुशाई का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद यहीं से जुलूस-ए-मोहम्मदी रवाना होगा।शहर कमेटी द्वारा बीते 15 अगस्त से लगातार विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में तकरीरी प्रोग्राम के साथ बच्चों के लिए इस्लामिक क्विज और ज्ञानवर्धक सवालिया कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें शहर के बड़ी संख्या में लोगों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
सुबह 7 बजे होगी मुकद्दस परचम कुशाई
कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि ईद-मिलाद-उन-नबी के मुख्य विलादत दिवस 26 अगस्त को सुबह 7 बजे मुर्शिद बाबा मैदान में मुकद्दस परचम कुशाई का भव्य आयोजन होगा। परचम कुशाई की रस्म पीरे तरीकत जनाब हजरत सूफी सैय्यद फैजान उल हक साहब शिराजी, सज्जादा नशीन-ए-बशीर उल औलिया व शिराज उल औलिया, ग्वालियर शरीफ के मुकद्दस हाथों से अदा की जाएगी।इस अवसर पर देश, प्रदेश और दमोह शहर में अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारे, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआ की जाएगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के शामिल होने की संभावना है।
परचम कुशाई के बाद मुर्शिद बाबा मैदान से निकलेगा जुलूस
परचम कुशाई की रस्म पूरी होने के बाद मुर्शिद बाबा मैदान से जश्न-ए-ईद-मिलाद-उन-नबी का मुख्य जुलूस-ए-मोहम्मदी रवाना होगा। जुलूस में बड़ी संख्या में आशिकाने रसूल ﷺ शामिल होंगे।जुलूस शहर के निर्धारित एवं पारंपरिक मार्गों से होकर गुजरेगा। इस दौरान नात-ख्वानी, धार्मिक नारों और अमन-ओ-भाईचारे के संदेशों के साथ अकीदतमंद आगे बढ़ेंगे। जुलूस में शामिल लोगों से अनुशासन बनाए रखने और प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करने की अपील की गई है।
पारंपरिक मार्गों से होते हुए पुनः मुर्शिद बाबा मैदान पहुंचेगा जुलूस
कमेटी के अनुसार जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से शहर के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण करेगा। पूरे मार्ग का भ्रमण करने के बाद जुलूस पुनः अपने प्रारंभिक स्थल मुर्शिद बाबा मैदान पहुंचेगा, जहां इसका शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से समापन किया जाएगा।कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि जुलूस का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ शहर में आपसी भाईचारे, शांति, सौहार्द और कौमी एकता का संदेश देना है। आयोजन को सफल बनाने के लिए कमेटी के सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।
दीनी तंजीमों, युवाओं और शहरवासियों से सहयोग की अपील
शहर कमेटी के जिम्मेदारों ने दमोह की तमाम दीनी तंजीमों, नौजवानों और आमजन से अपील की है कि वे 26 अगस्त की सुबह समय पर मुर्शिद बाबा मैदान पहुंचें और परचम कुशाई के कार्यक्रम में शामिल हों।कमेटी ने सभी अकीदतमंदों से अपील की है कि जुलूस-ए-मोहम्मदी में अदब, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ सहभागिता करें तथा शहर की गंगा-जमुनी तहजीब और कौमी एकता की मिसाल कायम करें।
व्यवस्थाओं को लेकर कमेटी ने की तैयारी पूरी
जुलूस को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए कमेटी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। जुलूस के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखने, लोगों को निर्धारित मार्ग पर चलने और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।ईद-मिलाद-उन-नबी के इस आयोजन को लेकर शहर के मुस्लिम समाज में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। 12 दिनों से चल रहे धार्मिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों के बाद अब सभी की निगाहें 26 अगस्त को होने वाले मुख्य आयोजन और जुलूस-ए-मोहम्मदी पर हैं।
ये पदाधिकारी एवं सदस्य रहेंगे मौजूद
आयोजन में सदर एजाज आलम, नायब सदर गुलाम दस्तगीर कुरैशी, सूफी आदिल ठेकेदार, उबैद अहमद गौरी, मोहम्मद आरिफ कुरैशी, अल्तमश जमजम, सरपरस्त मोहम्मद वहीद कुरैशी, सचिव मोहम्मद समीर कुरैशी, शमीम कुरैशी, रिजवान हुसैन, सत्तार खान, चुन्नू पेंटर, इकबाल खान पार्षद, वकील कुरैशी, मुबीन कुरैशी, शकील भाई, जुनैद कुरैशी, जावेद मोना कुरैशी, शुऐब अहमद, मनाज़िर खान, अकबर खान, फहीम खान, राज कुरैशी, शेख राशिद, अरमान खान, नजर बारिश, पप्पू खान, प्रिंस खान, शेख सफीक, इकबाल कुरैशी सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहेंगे।कमेटी ने शहरवासियों से अपील की है कि जुलूस के दौरान शांति, सद्भाव और भाईचारे का वातावरण बनाए रखें तथा आयोजन को ऐतिहासिक और यादगार बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें।
