दमोह। नरसिंहगढ़ में सुनार नदी के पुल से पिता-पुत्र के छलांग लगाने की घटना के बाद माझी समाज के पदाधिकारी और स्थानीय लोगों की तत्परता से दोनों की जान बचा ली गई। घटना के दौरान नरसिंहगढ़ माझी समाज के अध्यक्ष तथा संगम मत्स्य उद्योग सहकारी समिति मर्यादित सीतानगर के उपाध्यक्ष डालचंद रायकवार ने अपनी टीम के साथ नाव के जरिए नदी में रेस्क्यू अभियान चलाकर पिता और पुत्र को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
निषादराज माझी समाज सेवा समिति भोपाल के प्रदेश सचिव मोंटी रायकवार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि नरसिंहगढ़ स्थित सुनार नदी के पुल के पास अंकित यादव निवासी रानगिर ने नदी में छलांग लगा दी थी। बेटे को नदी में कूदता देखकर उसके पिता द्वारका यादव ने भी बेटे को बचाने के प्रयास में नदी में छलांग लगा दी। देखते ही देखते दोनों नदी के पानी में फंस गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की जानकारी मिलते ही नरसिंहगढ़ माझी समाज के अध्यक्ष एवं संगम मत्स्य उद्योग सहकारी समिति मर्यादित सीतानगर के उपाध्यक्ष डालचंद रायकवार सक्रिय हुए। उन्होंने बिना समय गंवाए अपने साथियों को एकत्रित किया और नाव के माध्यम से नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
डालचंद रायकवार और उनकी टीम ने जोखिम उठाते हुए नदी में पहुंचकर पिता-पुत्र को तलाशना शुरू किया। काफी प्रयास के बाद दोनों को सुरक्षित नाव तक पहुंचाया गया और फिर उन्हें नदी से बाहर निकाला गया। समय रहते किए गए इस रेस्क्यू के कारण पिता और पुत्र दोनों की जान बच गई।
रेस्क्यू के बाद पिता द्वारका यादव ने घटना के संबंध में बताया कि उसका बेटा अंकित यादव मोबाइल खरीदने की जिद कर रहा था। मोबाइल नहीं खरीद पाने के कारण अंकित ने कथित तौर पर सुनार नदी में छलांग लगा दी। बेटे को बचाने के लिए पिता भी नदी में कूद गया। हालांकि समय रहते माझी समाज के पदाधिकारियों और उनकी टीम ने दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना के बाद डालचंद रायकवार की तत्परता और साहस की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। नदी में रेस्क्यू करना जोखिम भरा कार्य था, लेकिन उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना देर किए अपनी टीम के साथ नाव से नदी में उतरकर दोनों को बचाने का प्रयास किया और सफलता हासिल की।
निषादराज माझी समाज सेवा समिति भोपाल के प्रदेश सचिव मोंटी रायकवार ने डालचंद रायकवार के इस कार्य की सराहना करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और दमोह पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी से उन्हें राज्य स्तरीय सम्मान से पुरस्कृत किए जाने की अपील की है।
मोंटी रायकवार ने कहा कि संकट की घड़ी में अपनी जान की परवाह किए बिना किसी दूसरे व्यक्ति की जान बचाने के लिए आगे आना मानवता और साहस का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि डालचंद रायकवार ने जिस तत्परता से अपनी टीम के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया, वह सराहनीय है और ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए डालचंद रायकवार को उनके साहसिक एवं मानवीय कार्य के लिए उचित सम्मान प्रदान किया जाए, ताकि समाज में जरूरत के समय लोगों की मदद करने और मानव जीवन बचाने की भावना को बढ़ावा मिले।
सुनार नदी में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि संकट के समय कुछ मिनटों की तत्परता भी किसी की जिंदगी बचा सकती है। डालचंद रायकवार और उनकी टीम द्वारा किए गए प्रयास ने पिता-पुत्र को सुरक्षित बाहर निकालकर मानवता की मिसाल पेश की है।
