(डॉ.एल.एन.वैष्णव)
दमोह। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और आत्मीयता का प्रतीक माना जाता है। आमतौर पर इस दिन घर-परिवार में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, लेकिन उन भाइयों के लिए भी यह दिन भावनाओं से भरा रहा, जो किसी कारणवश दमोह जिला जेल में बंद हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर दमोह जिला जेल में शासन के निर्देशों के अनुरूप विशेष व्यवस्थाएं की गईं, ताकि बंदी और कैदी अपनी बहनों के साथ इस पर्व की खुशियां साझा कर सकें।
रक्षाबंधन के दिन जिला जेल में सुबह से ही भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक तस्वीर देखने को मिली। जिले के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के बाहर से भी कई बहनें अपने भाइयों से मिलने जेल पहुंचीं। निर्धारित प्रक्रिया के बाद बहनों को अपने भाइयों से मिलने की अनुमति दी गई। इस दौरान बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, तिलक लगाया और मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जेल परिसर में रक्षाबंधन को लेकर उत्साह का वातावरण दिखाई दिया। लंबे समय बाद भाई से मिलने पहुंची कई बहनों के लिए यह मुलाकात भावुक पल भी लेकर आई। जेल की परिस्थितियों के बावजूद बहनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार अपने भाइयों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया।
बारिश से बचाव के लिए वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था
रक्षाबंधन के अवसर पर मौसम को देखते हुए जेल प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। बारिश से आने वाले परिजनों को परेशानी न हो, इसके लिए जेल परिसर के बाहर वाटरप्रूफ टेंट लगाया गया। यहां बहनों और उनके साथ आए परिजनों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। इसके साथ ही पेयजल की व्यवस्था भी की गई, ताकि पर्व के दौरान आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।जेल प्रशासन द्वारा रक्षाबंधन के लिए लगाए गए विशेष स्टॉल पर भी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई। जिन बहनों के पास राखी या अन्य पूजन सामग्री नहीं थी, वे मौके पर ही राखी, नारियल, मिठाई और रुमाल खरीद सकीं। इससे दूर-दराज से आने वाली बहनों को काफी सुविधा मिली।
भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर बहनों ने मांगी सलामती

रक्षाबंधन के दौरान बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधते हुए उनकी सलामती और बेहतर भविष्य की कामना की। कई बहनों ने भाइयों को मिठाई खिलाई और परिवार के अन्य सदस्यों का हालचाल भी साझा किया। वहीं बंदियों और कैदियों के लिए भी यह अवसर भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण रहा।जेल की चारदीवारी के भीतर रहने वाले बंदियों के लिए अपनी बहनों से मुलाकात और राखी बंधवाने का यह अवसर उनके लिए विशेष रहा। भाई-बहन के बीच कुछ समय की मुलाकात ने पर्व की खुशियों को और भावनात्मक बना दिया।
शाम को बंदियों के लिए विशेष भोजन
जेल उप अधीक्षक मांगीलाल पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर जेल में उत्साह का वातावरण रहा। जेल प्रशासन द्वारा शासन के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर शाम के समय बंदियों और कैदियों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई है। इसमें पूरी, सब्जी, खीर, सलाद और पापड़ सहित भोजन की अन्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएगी। पर्व के अवसर पर बंदियों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराने का उद्देश्य यह भी है कि वे जेल में रहते हुए त्योहार की खुशियों का हिस्सा बन सकें।
जेल स्टाफ के साथ पुलिस की भी रही व्यवस्था
रक्षाबंधन के दौरान बड़ी संख्या में परिजनों के जेल पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया। जेल स्टाफ के साथ पुलिस बल की व्यवस्था की गई थी। आने वाले परिजनों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई गईं, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ परिजनों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया। बारिश के मौसम को देखते हुए टेंट, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
बंदियों ने जेल प्रशासन का जताया आभार
रक्षाबंधन पर जेल में की गई व्यवस्थाओं को लेकर बंदियों और कैदियों ने भी जेल प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि जेल में रहते हुए त्योहार मनाना सामान्य परिस्थितियों की तुलना में अलग होता है, लेकिन प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं के कारण उन्हें अपनी बहनों के साथ रक्षाबंधन मनाने का अवसर मिला।जेल प्रशासन द्वारा किए गए इन इंतजामों से न केवल बंदियों को अपने परिवार से जुड़ने का अवसर मिला, बल्कि उनके परिजनों को भी अपने प्रियजनों से मिलने और पर्व की खुशियां साझा करने का मौका मिला।
रिश्तों की गर्माहट ने कम की जेल की दीवारों की दूरी
रक्षाबंधन का यह आयोजन इस बात का भी प्रतीक रहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, भाई-बहन के रिश्ते की भावनाएं अपनी जगह कायम रहती हैं। जेल की ऊंची दीवारों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच जब बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी तो माहौल में भावनात्मक गर्माहट दिखाई दी।
दमोह जिला जेल में रक्षाबंधन के अवसर पर की गई व्यवस्थाओं ने बंदियों और उनके परिवारों के बीच रिश्तों को मजबूत करने का अवसर दिया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर जहां अपने स्नेह का इजहार किया, वहीं भाइयों ने भी बहनों के प्रति अपने प्रेम और सम्मान की भावनाएं व्यक्त कीं। इस तरह रक्षाबंधन का पर्व जेल की चारदीवारी के भीतर भी प्रेम, विश्वास और पारिवारिक भावनाओं के साथ मनाया गया।
