दमोह, 01 सितंबर 2026। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में 217 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदक से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उसकी समस्या की जानकारी ली और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकांश मामलों में मौके पर ही समस्या का निराकरण कराने का प्रयास किया गया।
जनसुनवाई में दिव्यांगजन भी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिन आवेदकों के पास दिव्यांगता प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं था, उन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से मेडिकल बोर्ड के समक्ष भेजने की व्यवस्था की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों की जांच एवं प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर उन्हें प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जाए।

पेंशन की समस्या लेकर पहुंचे वृद्ध एवं दिव्यांगजन
जनसुनवाई में कई वृद्धजन और दिव्यांगजन ऐसे भी पहुंचे, जिनकी पेंशन पिछले कुछ महीनों से बंद थी या उनके बैंक खातों में राशि नहीं पहुंच रही थी। कलेक्टर के निर्देश पर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा तत्काल संबंधित हितग्राहियों की पेंशन की स्थिति की जांच की गई।
जिन हितग्राहियों की पेंशन पहले ही खाते में पहुंच चुकी थी, उन्हें इसकी जानकारी दी गई। वहीं जिन हितग्राहियों का ई-केवाईसी लंबित था, उनका ई-केवाईसी कराने और पेंशन पुनः प्रारंभ कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
अनाथ 17 वर्षीय बालक को मिलेगी 4 हजार रुपये प्रतिमाह सहायता
जनसुनवाई के दौरान एक 17 वर्षीय बालक अपनी समस्या लेकर पहुंचा। बालक के माता-पिता नहीं हैं और वह महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना के तहत 4 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता के लिए पात्र है, लेकिन किसी कारणवश उसे योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक औपचारिकताएं तत्काल पूर्ण कर बालक को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि बालक ने पूर्व में योजना के लिए आवेदन किया था और संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई, तो आवेदन की जानकारी प्राप्त कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
भूमि विवाद में मृत्यु प्रमाण-पत्र की जांच के निर्देश
जनसुनवाई में एक वृद्ध महिला ने शिकायत करते हुए बताया कि मृत्यु प्रमाण-पत्र के आधार पर कुछ लोग उसकी भूमि हड़पने का प्रयास कर रहे हैं। महिला ने बताया कि संबंधित मृत्यु प्रमाण-पत्र जिला अस्पताल से जारी किया गया है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मृत्यु प्रमाण-पत्र की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रमाण-पत्र गलत तरीके से जारी किया गया है तो उसे निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। वहीं यदि प्रमाण-पत्र जिला अस्पताल से जारी नहीं हुआ है तो यह पता लगाया जाए कि इसे किस व्यक्ति ने जारी किया है और संबंधित के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई के लिए आवश्यक पत्र जारी किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि महिला की भूमि सुरक्षित रहे और उसे नियमानुसार न्याय मिले, इसके लिए मामले में पूरी गंभीरता से कार्रवाई की जाए।
लंबित प्रकरणों के तत्काल निराकरण पर जोर
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि जनसुनवाई में आमजन विभिन्न प्रकार की समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। तहसील से संबंधित प्रकरणों में तहसीलदार से तत्काल जानकारी लेकर यह पता किया जा रहा है कि मामला किस कारण से लंबित है। यदि कोई प्रकरण नियमानुसार निराकरण योग्य है तो आवेदक को जानकारी देने के साथ उसके निराकरण की कार्रवाई तत्काल कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करें। पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ किसी भी स्थिति में वंचित नहीं होना चाहिए और लंबित प्रकरणों में अनावश्यक देरी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
