वीडियो में बोली- हमारी हरकतें देखकर कोई नहीं कह सकता कि हम IAS हैं
वीडियो में तृप्ति सिंह राजपूत कहती सुनाई दे रही है- “हमारी हरकतों को देखकर कोई कल्पना नहीं कर सकता कि हम तीनों IAS अफसर हैं… हां, हम थोड़े बेवकूफ हैं, मगर धीरे-धीरे प्रोग्रेस हो रही है।” इसके बाद उसकी एक सहेली कहती है- “हम दोनों प्रोग्रेस पर हैं, लेकिन यह हमारी सीनियर हैं।” इस पर तृप्ति जवाब देती है- “मैं भी प्रोग्रेस पर हूं, लेकिन मैं इन्हीं की उम्र की हूं।”
विधानसभा PRO ने परिसर का वीडियो होने से किया इनकार
वीडियो सामने आने के बाद इसे मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर के बाहर का बताया गया। हालांकि, विधानसभा के PRO महावीर जैन ने वीडियो को मध्यप्रदेश विधानसभा का होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि विधानसभा भवन में इस तरह के लाल पत्थर नहीं लगे हैं। ऐसे में वीडियो विधानसभा परिसर का नहीं माना जा सकता। अब पुलिस वायरल वीडियो में दिखाई दे रही जगह और उसकी वास्तविकता की जांच कर रही है।
फर्जी IAS बन नौकरी लगवाने का झांसा देने का आरोप
तृप्ति सिंह राजपूत पर फर्जी IAS बनकर लोगों को नौकरी लगवाने का झांसा देने और कथित तौर पर पैसे लेने के आरोप हैं। चंदेरी पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तृप्ति सिंह और उसके भाई को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान भोपाल स्थित उसके घर से ‘भारत सरकार’ लिखी इनोवा कार, फर्जी दस्तावेज और कथित फर्जी CBI कार्ड सहित कई सामान मिलने की बात सामने आई थी।
भोपाल में भी धोखाधड़ी की FIR
तृप्ति सिंह के खिलाफ भोपाल में भी नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी की FIR दर्ज है। चंदेरी पुलिस भोपाल पहुंची थी और आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर जांच की गई थी। वहीं, वायरल वीडियो के संबंध में एडिशनल DCP अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि फर्जी IAS को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से पैसे लेने और धोखाधड़ी के आरोपों की जांच चल रही है। वायरल वीडियो को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि वीडियो कहां का है और उसमें दिखाई दे रही जगह की वास्तविकता क्या है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
