दमोह नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर विधायक जयंत मलैया के गंभीर सवाल, ढाई घंटे चली बैठक में विकास कार्यों की खुली समीक्षा
(डॉ. एल.एन. वैष्णव)
दमोह। दमोह शहर के विकास, नगर पालिका की कार्यप्रणाली और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर बुधवार को संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के सभाकक्ष में लगभग ढाई घंटे तक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व वित्त मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए और भ्रष्टाचार, लापरवाही तथा जनसमस्याओं की अनदेखी के आरोप लगाते हुए अधिकारियों और संबंधित जिम्मेदारों को आड़े हाथों लिया।
बैठक के दौरान शहर की सड़क, सफाई व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, कचरा प्रबंधन, यातायात, आवास योजना, नगर विकास और वर्षों से लंबित कार्यों सहित अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान कई मौकों पर विधायक जयंत मलैया और कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के तेवरों में नाराजगी साफ दिखाई दी। दोनों ने अधिकारियों से जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की बात कही।
गरीबों के हक को लेकर विधायक ने उठाए गंभीर सवाल
विधायक जयंत मलैया ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गरीबों के हक के लिए आने वाले पैसे का सही तरीके से उपयोग होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों का हक अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ही नेता और पार्षद भी खा रहे हैं। विधायक के इस बयान ने नगर पालिका की सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के पार्षदों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मलैया के इस बयान के बाद बैठक में मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल बना रहा। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व रक्षाबंधन एवं पत्रकार मिलन समारोह के दौरान भी विधायक जयंत मलैया ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली और शहर के विकास से जुड़े मामलों को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे।
दमयंती नगर की आवास योजना का मुद्दा भी उठा
बैठक में दमयंती नगर में आवास योजना से जुड़े मामलों को भी प्रमुखता से उठाया गया। विधायक ने आवास योजना के तहत गरीबों के लिए किए जाने वाले कार्यों में कथित अनियमितताओं और लापरवाही पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही।
इसके साथ ही शहर की सड़कों की खराब स्थिति, विकास कार्यों में आ रही बाधाएं, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, यातायात, पेयजल और कचरा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
2022 से लंबित विकास कार्यों की भी होगी शुरुआत
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बैठक में बताया कि शहर में कई ऐसे विकास कार्य हैं जो वर्ष 2022 से लंबित हैं। इन कार्यों के लिए शासन स्तर से राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है, लेकिन कुछ कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुए हैं, जबकि कुछ कार्य शुरू होने के बावजूद पूर्ण नहीं हो पाए हैं अथवा उनका लोकार्पण नहीं हुआ है।
कलेक्टर ने कहा कि बैठक में प्रत्येक लंबित कार्य की समीक्षा की गई और संबंधित कार्यों के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समय के भीतर कार्यों को पूर्ण कराया जाए, ताकि शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि का उद्देश्य पूरा हो और आम नागरिकों को इन विकास कार्यों का वास्तविक लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि जिन कार्यों में टेंडर होना है, जिनके टेंडर हो चुके हैं, जिनका कार्य प्रारंभ होना है और जिन कार्यों का लोकार्पण किया जाना है, उन सभी की अलग-अलग समीक्षा की गई है। अब इन कार्यों को गति देकर निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा—जनता की क्या गलती है?
बैठक के दौरान कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजेंद्र सिंह लोधी सहित नगर पालिका के अधिकारियों को कार्यों में लापरवाही को लेकर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि प्रशासनिक लापरवाही के कारण जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है तो इसकी जवाबदेही तय होगी।
कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता क्यों भुगते? जनता की क्या गलती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं का तत्परता, शीघ्रता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए।
सड़कों के लिए तय हुई समय-सीमा
शहर की खराब सड़कों को लेकर भी बैठक में गंभीरता दिखाई गई। कलेक्टर ने सड़क निर्माण और सुधार से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण अथवा सुधार कार्य में यदि किसी प्रकार की बाधा आती है तो अधिकारी उसे छिपाने के बजाय तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाएं, ताकि समय रहते समस्या का समाधान किया जा सके।
विधायक ने कहा—शहर के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा
विधायक जयंत मलैया ने बैठक में कहा कि दमोह शहर के विकास के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। नगर पालिका के कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों की सहभागिता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए जो कार्य एक व्यक्ति नहीं कर सकता, उसे दूसरा व्यक्ति आगे बढ़कर पूरा कर सकता है और यदि दूसरा नहीं कर सकता तो तीसरे व्यक्ति को आगे आना चाहिए। उद्देश्य किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे शहर का विकास होना चाहिए।
मलैया ने कहा कि पूर्व में विद्युत मंडल से संबंधित बैठक भी इसी प्रकार आयोजित की गई थी, जिसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नगर पालिका से संबंधित बैठक के भी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
हस्ताक्षर कर जनप्रतिनिधियों ने ली जिम्मेदारी
विधायक जयंत मलैया ने बैठक में यह भी कहा कि यह केवल कानूनी बाध्यता का विषय नहीं बल्कि नैतिक जिम्मेदारी का विषय है। भले ही इसके लिए किसी प्रकार की कानूनी बाध्यता न हो, लेकिन नगर पालिका के अधिकारियों, नेता प्रतिपक्ष और उपाध्यक्ष द्वारा सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर जिम्मेदारी लेना महत्वपूर्ण है।
शहर के विकास कार्यों और उनके रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए। नगर पालिका अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष सुषमा विक्रम सिंह एवं उनके प्रतिनिधि विक्रम सिंह, नेता प्रतिपक्ष विजय जैन सहित संबंधित अधिकारियों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।
पीआईसी में लंबित नहीं होंगे विकास संबंधी निर्णय
बैठक में यह बात भी स्पष्ट की गई कि बैठक में लिए गए विकास संबंधी निर्णयों को अनावश्यक रूप से पीआईसी की बैठक में लंबित नहीं रखा जाएगा। विकास कार्यों को गति देने और उनके रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर विशेष जोर दिया गया।
महाराणा प्रताप विद्यालय शिक्षा विभाग को सौंपने का निर्णय
बैठक में महाराणा प्रताप विद्यालय को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कई दशकों से नगर पालिका द्वारा संचालित किए जा रहे इस विद्यालय के विशाल भवन और परिसर को शिक्षा विभाग को सौंपने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
नगर विकास के लिए प्रभावी नियम-कायदों पर चर्चा
बैठक में नगर पालिका से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदमों तथा प्रभावी नियम-कायदों पर विचार-विमर्श किया गया।
सफाई व्यवस्था में सुधार, पेयजल एवं कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने तथा विकास कार्यों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी रोजमर्रा की आवश्यकताओं एवं समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करना है।
जरूरत पड़ी तो विधायक निधि से मिलेगा सहयोग
बैठक में विधायक जयंत मलैया ने शहर के विकास कार्यों के लिए विशेष परिस्थितियों में आवश्यकता पड़ने पर अपनी विधायक निधि से सहयोग देने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि यदि किसी विकास कार्य के लिए भोपाल स्तर से राशि की आवश्यकता होगी तो उसके लिए भी प्रयास किए जाएंगे और आवश्यक फंड उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी।
हर माह होगी विकास कार्यों की समीक्षा
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि नगर पालिका और शहर के विकास से जुड़े विषयों की समीक्षा के लिए इस प्रकार की बैठक अब नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। आगामी समय में विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि केवल बैठक आयोजित करना उद्देश्य नहीं है, बल्कि बैठक में लिए गए निर्णयों को जमीन पर उतारना और निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराना प्राथमिकता है।
आवारा पशुओं के लिए भी बनी कार्ययोजना
शहर की सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा पशुओं की समस्या को लेकर भी बैठक में कार्ययोजना पर चर्चा हुई। गौवंश को सड़कों से हटाकर पहले गौशाला में पहुंचाने तथा इसके बाद आवश्यकता के अनुसार गौ-अभयारण्य में भेजने की प्रक्रिया पर विचार किया गया। इसका उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के साथ-साथ दुर्घटनाओं और पशुओं के कारण होने वाली परेशानियों को कम करना है।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे, नगरपालिका उपाध्यक्ष सुषमा विक्रम सिंह, नेता प्रतिपक्ष विजय जैन, विक्रम सिंह, एसडीएम सौरभ गंधर्व, डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सिंह, नगरपालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी, पीडब्ल्यूडी के ईई जेपी सोनकर, जिला शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और नगर पालिका के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के बाद अब शहरवासियों की निगाहें लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन पर टिकी हैं। विधायक और कलेक्टर द्वारा जिस सख्ती के साथ लंबित विकास कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, उससे आने वाले दिनों में दमोह शहर की सड़क, सफाई, प्रकाश, पेयजल, यातायात और अन्य नागरिक सुविधाओं में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि बैठक में तय की गई समय-सीमाओं के भीतर कितने कार्य वास्तव में धरातल पर उतरते हैं।
