नगर पालिका में भ्रष्टाचार के आरोपों पर उठाए सवाल, पंचमनगर-सीतानगर परियोजनाओं और जनपद पंचायत के कार्यों को लेकर भी साधा निशाना
दमोह। दमोह नगर पालिका में भ्रष्टाचार और गरीबों की योजनाओं की राशि को लेकर विधायक जयंत मलैया द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता वीरेंद्र दवे ने विधायक जयंत मलैया के आरोपों पर पलटवार करते हुए उनके पूर्व मंत्री कार्यकाल से जुड़े विभागों और विकास परियोजनाओं को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।
वीरेंद्र दवे ने कहा कि यदि दमोह नगर पालिका में लंबे समय से भ्रष्टाचार हो रहा था और गरीबों की योजनाओं की राशि में गड़बड़ी हो रही थी, तो इसकी जानकारी अब सामने क्यों आ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अब पछताये का होत, जब चिड़िया चुग गई खेत।”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जब जयंत मलैया प्रदेश सरकार में महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री थे, उस दौरान दमोह नगर पालिका सहित विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठते रहे। उन्होंने तत्कालीन नगर पालिका अधिकारी कपिल खरे से जुड़े आयकर विभाग की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मामले की निष्पक्ष जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
दवे ने पंचमनगर और सीतानगर सिंचाई परियोजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पथरिया विधानसभा क्षेत्र सहित अनेक गांवों को अपेक्षित सिंचाई सुविधा नहीं मिल पाई है। उन्होंने इन परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।
जनपद पंचायत के निर्माण कार्यों को लेकर भी कांग्रेस नेता ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की चर्चा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वीरेंद्र दवे ने कहा कि यदि दमोह नगर पालिका में भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन साथ ही पूर्व में स्वीकृत और संचालित विकास परियोजनाओं की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों, स्कूल भवनों तथा मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर भी जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने विधायक जयंत मलैया से मांग की कि वे सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करें कि उनके मंत्री एवं जनप्रतिनिधि रहते जिन विभागों और परियोजनाओं में अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं, उन पर उस समय क्या कार्रवाई की गई थी।
गौरतलब है कि हाल ही में संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन में नगर पालिका से संबंधित बैठक में विधायक जयंत मलैया ने भ्रष्टाचार और लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। इसके बाद कांग्रेस नेता वीरेंद्र दवे की यह प्रतिक्रिया सामने आई है, जिससे दमोह की राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
