लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में नदी नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है। छतरपुर जिले में संभावित बाढ़ और लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि शिक्षकों को विभागीय और शैक्षणिक कार्यों के लिए स्कूल पहुंचना होगा। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील भी की जा रही है।
बारिश के बीच डबरा में एक दर्दनाक हादसा भी सामने आया है। जंगीपुरा इलाके में तेज बारिश के दौरान दो मंजिला कच्चे मकान की छत ढह गई। हादसे के समय परिवार के कई सदस्य घर के अंदर मौजूद थे और मलबे में दब गए। इस दुर्घटना में एक महिला और उसके दो वर्षीय बेटे की मौत हो गई जबकि परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने बारिश के दौरान जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश का यह सिस्टम प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में आगे बढ़ेगा। 4 सितंबर से भोपाल उज्जैन ग्वालियर सागर नर्मदापुरम और चंबल संभाग में इसका असर अधिक दिखाई दे सकता है। कई स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 5 और 6 सितंबर को प्रदेश के उत्तरी हिस्सों तथा ग्वालियर चंबल संभाग में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।
लगातार बारिश का असर प्रदेश के बांधों और जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। अधिकांश बांधों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कुछ बांधों के गेट खोलने की तैयारी की जा रही है। भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है और इसके लगभग भरने की स्थिति बन रही है। ऐसे में प्रशासन निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।
प्रदेश में अब तक मानसून के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई है लेकिन कई जिलों में अब भी औसत से कम पानी गिरा है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है जबकि कुछ जिलों में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम के अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि सक्रिय मानसूनी सिस्टम प्रदेश के बड़े हिस्से को प्रभावित कर सकता है।
लगातार बारिश के कारण प्रशासन की चुनौती भी बढ़ गई है। नदियों के किनारे रहने वाले लोगों जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों और जलभराव वाले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी नालों या पुल पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं। अगले चार दिन मध्य प्रदेश के लिए बारिश और सतर्कता दोनों के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं।
