छिंदवाड़ा। इंदिरा गांधी शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय धरमटेकरी में शिक्षक दिवस का आयोजन इस बार पारंपरिक सम्मान समारोह के बजाय एक विशेष वर्कशॉप के रूप में किया गया। मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट (एमओएम) और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई) के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन, कार्यक्रम प्रबंधन, समन्वय और नेतृत्व कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस के आयोजन की पूरी जिम्मेदारी स्वयं संभाली। श्री हर्षित विश्वकर्मा, कनिष्क, भूमिका गुप्ता, पूर्व यादव, महक कुरैशी, शौर्य मानकर, पुष्कर मालवी, दामिनी विश्वकर्मा एवं ख्वाहिश खान ने मंच संचालन किया। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने से लेकर मंच संचालन और व्यवस्थाओं के समन्वय तक की जिम्मेदारियां निभाईं।
संस्था के प्राचार्य डॉ. आलोक कुमार यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कार्य की पहल करने से नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उसकी उचित रूपरेखा तैयार कर व्यवस्थित और संगठित तरीके से कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुस्तकों के अध्ययन से शब्द भंडार और भाषा शैली विकसित होती है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और विभिन्न गैजेट्स भी लेखन एवं अभिव्यक्ति को बेहतर बनाने में उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि विद्यार्थियों की वास्तविक मौलिकता उनके अपने विचारों और भावनाओं में होती है।
डॉ. यादव ने अपने विद्यार्थी जीवन के संस्मरण साझा करते हुए बताया कि उन्हें मंच संचालन की कला विद्यालय के समय अपने स्वर्गीय प्राचार्य से सीखने को मिली, जबकि लेखन क्षमता विकसित करने में उनके शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने अपने सभी शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
एमओएम विभागाध्यक्ष श्रीमती नीलम खासकलम ने अपने जीवन में शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि अच्छा गुरु मिलना भाग्य की बात है, लेकिन अच्छे शिष्य मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रेम, आत्मीयता और सम्मान को अपने लिए बेहद भावुक करने वाला अनुभव बताया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। सीएसई विभाग की अतिथि व्याख्याता श्रीमती ममता बघेल ने क्विज का संचालन किया। प्रतियोगिता में तमन्ना भलावी और भावना विजेता रहीं।
इस अवसर पर श्रीमती ओम कटकवार, श्रीमती शाइस्ता मंसूरी, श्रीमती स्वाति चौरसिया, श्री राधेश्याम सनोदिया एवं श्रीमती अर्चना तिवारी सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस को केवल शिक्षकों के सम्मान तक सीमित न रखते हुए इसे सीखने और व्यावहारिक कौशल विकसित करने की कार्यशाला के रूप में मनाया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मंच संचालन, कार्यक्रम प्रबंधन, प्रस्तुतीकरण, समन्वय और नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण कौशलों की बारीकियां सीखीं।
