बालों की देखभाल में तेल लगाना एक आसान तरीका माना जाता है। नारियल तेल जैसे हल्के तेल से स्कैल्प की हल्की मालिश की जा सकती है। इससे बालों में नमी बनाए रखने और रूखेपन को कम करने में मदद मिल सकती है। तेल लगाने के दौरान स्कैल्प को जोर से रगड़ने या नाखून से खुजलाने से बचना चाहिए। हल्के हाथों से कुछ मिनट मालिश करना बेहतर रहता है। अगर किसी तेल से खुजली लालिमा या जलन होती है तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।
बालों की सेहत का सीधा संबंध खानपान से भी है। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करना जरूरी है क्योंकि बाल मुख्य रूप से केराटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं। दालें अंडे दूध दही पनीर सोया और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा हरी सब्जियां फल मेवे और बीज भी पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। बिना जांच के किसी सप्लीमेंट या विटामिन की गोली लेना सही नहीं है।
बाल धोते समय भी कुछ सावधानियां रखनी चाहिए। बहुत गर्म पानी से सिर धोने से बाल और स्कैल्प रूखे हो सकते हैं इसलिए सामान्य या हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना बेहतर है। शैंपू को स्कैल्प की जरूरत के अनुसार चुनें और बालों को बहुत जोर से रगड़ने से बचें। गीले बाल अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने के बजाय पहले हल्का सूखने दें और फिर धीरे से सुलझाएं।
हेयर स्टाइलिंग के दौरान अत्यधिक गर्मी का इस्तेमाल भी कम करना चाहिए। लगातार हेयर स्ट्रेटनर कर्लर और तेज गर्म हवा वाले ड्रायर का इस्तेमाल बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। बहुत ज्यादा टाइट पोनीटेल या ऐसी हेयर स्टाइल जिसमें बालों की जड़ों पर लगातार खिंचाव पड़ता है उससे भी बचना चाहिए।
अगर बाल लगातार बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं सिर में खाली पैच दिखाई दे रहे हैं खुजली या पपड़ी की समस्या है या अचानक तेजी से हेयर फॉल शुरू हुआ है तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय समस्या की असली वजह पता करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। सही खानपान नियमित नींद तनाव को नियंत्रित करना और बालों की उचित देखभाल लंबे समय में बालों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है।
