15 सितंबर तक जिले में 6622 मिमी बारिश दर्ज, पिछले वर्ष इसी अवधि में हुई थी 7352.9 मिमी वर्षा; पटेरा में सर्वाधिक 1295.8 मिमी, जबेरा में सबसे कम 770 मिमी
दमोह। जिले में मानसून की स्थिति को लेकर तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय द्वारा 15 सितंबर 2026 को जारी वर्षा रिपोर्ट ने बारिश के आंकड़ों की तस्वीर स्पष्ट कर दी है। जिले के सात वर्षामापी केंद्रों पर 1 जून से 15 सितंबर 2026 तक कुल 6622.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में कुल 7352.9 मिमी बारिश हुई थी। इस तरह इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 730.9 मिमी यानी करीब 10 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है।
आंकड़ों के अनुसार जिले में इस अवधि में औसत वर्षा 946.0 मिमी यानी लगभग 37.2 इंच दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में औसत वर्षा 1050.4 मिमी यानी 40.3 इंच थी। इस प्रकार औसत बारिश में भी करीब 104.4 मिमी की कमी दर्ज हुई है।
पटेरा में सबसे अधिक, जबेरा में सबसे कम बारिश
वर्षामापी केंद्रों के आंकड़ों में पटेरा तहसील क्षेत्र सबसे आगे रहा। यहां 1 जून से 15 सितंबर तक 1295.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद पथरिया में 1042.0 मिमी, हटा में 958.4 मिमी और तेंदूखेड़ा में 914.8 मिमी बारिश दर्ज हुई।दमोह में 824.0 मिमी तथा बटियागढ़ में 817.0 मिमी वर्षा हुई, जबकि जबेरा में सबसे कम 770.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।
पिछले साल की तुलना में अधिकांश क्षेत्रों में गिरावट
पिछले वर्ष इसी अवधि के आंकड़ों से तुलना करें तो दमोह में 1228.0 मिमी के मुकाबले इस वर्ष 824.0 मिमी, हटा में 1017.1 के मुकाबले 958.4 मिमी, जबेरा में 1124.0 के मुकाबले 770.0 मिमी और पथरिया में 1160.0 के मुकाबले 1042.0 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।तेंदूखेड़ा में पिछले वर्ष 1042.8 मिमी के मुकाबले इस वर्ष 914.8 मिमी तथा बटियागढ़ में 924.0 मिमी के मुकाबले 817.0 मिमी बारिश हुई। पटेरा में भी पिछले वर्ष के 857.0 मिमी की तुलना में इस वर्ष 1295.8 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।
15 सितंबर को पूरे जिले में केवल 7 मिमी बारिश
रिपोर्ट के अनुसार 15 सितंबर को सात वर्षामापी केंद्रों पर कुल 7 मिमी वर्षा दर्ज की गई। दमोह और पथरिया में 2-2 मिमी तथा बटियागढ़ में 3 मिमी बारिश हुई, जबकि हटा, जबेरा, तेंदूखेड़ा और पटेरा में इस दिन वर्षा दर्ज नहीं हुई।
सामान्य वार्षिक वर्षा 1246.6 मिमी
जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1246.6 मिमी निर्धारित है। 15 सितंबर तक जिले में औसत वर्षा 946.0 मिमी दर्ज हो चुकी है। यानी मानसून की स्थिति का आकलन अब आने वाले दिनों की बारिश पर भी निर्भर करेगा। खास तौर पर उन क्षेत्रों में जहां पिछले वर्ष की तुलना में बारिश में बड़ी कमी दर्ज हुई है।यह वर्षा रिपोर्ट कार्यालय तहसीलदार, भू-संसाधन प्रबंधन, जिला दमोह द्वारा आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन, मध्यप्रदेश ग्वालियर सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।
