शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक स्वावलंबन, समरसता और स्वाभिमान के पांच आयामों को लेकर परिवारों में पहुंची मातृशक्ति
दमोह। महिलाओं को सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सक्षम बनाने तथा समाज में उनकी सक्रिय सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय स्त्री शक्ति मध्यप्रदेश द्वारा दमोह नगर में सघन परिवार संपर्क अभियान चलाया गया। आज 27 सितंबर रविवार को संगठन की पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने नगर के विभिन्न परिवारों में पहुंचकर महिलाओं से प्रत्यक्ष संवाद किया। इस दौरान महिलाओं को संगठन के उद्देश्यों, गतिविधियों, महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
परिवार संपर्क अभियान के दौरान भारतीय स्त्री शक्ति की वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं सागर जिला उपाध्यक्ष डॉ. ममता सिंह, जिला संयोजक डॉ. हंसा वैष्णव, जबलपुर जिला अध्यक्ष श्रीमती शैलवाला बैरागी, सागर नगर अध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में परिवारों तक पहुंचकर महिलाओं से संवाद किया और उन्हें संगठन की गतिविधियों से जोड़ने के साथ सामाजिक कार्यों में उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चा की।
महिला सशक्तिकरण के पांच प्रमुख आयामों पर विशेष जोर
जनसंपर्क अभियान के दौरान भारतीय स्त्री शक्ति के पांच प्रमुख आयाम शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक स्वावलंबन, समरसता एवं स्वाभिमान को विशेष रूप से सामने रखा गया। कार्यकर्ताओं ने महिलाओं से चर्चा करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल आर्थिक रूप से सक्षम होना नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, सम्मान और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से महिलाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम बनाना भी आवश्यक है।
शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं और बालिकाओं के लिए बेहतर अवसरों की आवश्यकता पर चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षित महिला अपने अधिकारों और दायित्वों के प्रति अधिक जागरूक होने के साथ परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसी प्रकार स्वास्थ्य को महिला और परिवार दोनों की मजबूती का आधार बताते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और समय पर उपचार के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।
आर्थिक स्वावलंबन को बताया सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार
अभियान के दौरान महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर भी विशेष चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने कौशल विकास, स्वयं सहायता समूह, लघु उद्यम तथा उद्यमिता प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को अपनी क्षमता के अनुरूप आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के प्रयासों की जानकारी दी।महिलाओं को बताया गया कि उनके भीतर मौजूद कौशल और प्रतिभा को उचित प्रशिक्षण तथा अवसरों के माध्यम से आय के साधन में बदला जा सकता है। आर्थिक स्वावलंबन महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
स्वास्थ्य जागरूकता से महिला सुरक्षा तक संवाद
परिवार संपर्क के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करने, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने और परिवार की अन्य महिलाओं को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताई।इसके साथ ही महिला सुरक्षा, महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सहभागिता जैसे विषयों पर भी संवाद किया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने दायित्वों और सामाजिक भूमिका के प्रति जागरूक होना भी आवश्यक है। समाज में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से परिवार और सामाजिक व्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है।
घर-घर संवाद को बनाया अभियान का आधार
भारतीय स्त्री शक्ति के इस अभियान की विशेषता यह रही कि कार्यकर्ताओं ने केवल सार्वजनिक कार्यक्रम तक सीमित रहने के बजाय परिवारों तक पहुंचकर प्रत्यक्ष संवाद को प्राथमिकता दी। महिलाओं से उनके अनुभवों, आवश्यकताओं और सामाजिक सहभागिता से जुड़े विषयों पर बातचीत की गई।कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी भी सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत परिवार से होती है। यदि परिवार में महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान, निर्णय प्रक्रिया में सहभागिता और आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव समाज के व्यापक स्तर पर दिखाई देता है। इसी सोच के साथ परिवार संपर्क अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा
परिवार संपर्क अभियान के पश्चात संगठन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारतीय स्त्री शक्ति मध्यप्रदेश के संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में बताया गया कि आगामी 3 एवं 4 जनवरी 2027 को जबलपुर में विभाग सम्मेलन का आयोजन किया जाना है। सम्मेलन के साथ प्रशिक्षण वर्ग भी आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से संगठनात्मक कार्यों, महिला सशक्तिकरण के विभिन्न विषयों और सामाजिक सहभागिता से संबंधित गतिविधियों को लेकर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा।
आगामी विभाग सम्मेलन को लेकर अभी से संपर्क अभियान को गति देने तथा अधिक से अधिक मातृशक्ति को कार्यक्रमों से जोड़ने पर जोर दिया गया। बैठक में कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में परिवार संपर्क बढ़ाने और महिलाओं तक संगठन के उद्देश्यों को पहुंचाने को लेकर भी चर्चा की।
बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने निभाई सहभागिता
जनसंपर्क अभियान में श्रीमती मनोरमा रतले, श्रीमती सरोज तिवारी, श्रीमती हिमानी दुबे, श्रीमती शोभा तिवारी सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने सहभागिता की। कार्यकर्ताओं ने नगर के विभिन्न परिवारों में पहुंचकर महिलाओं से संवाद किया और संगठन की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।इस दौरान महिलाओं को सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया। परिवार संपर्क के दौरान यह भी चर्चा की गई कि स्थानीय स्तर पर महिलाओं की समस्याओं, आवश्यकताओं और प्रतिभाओं को सामने लाकर उन्हें उचित मंच और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जा सकते हैं।
सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण पर जोर
भारतीय स्त्री शक्ति का उद्देश्य महिलाओं को केवल व्यक्तिगत स्तर पर सक्षम बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें समाज और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए तैयार करना भी है। संगठन की गतिविधियों में महिलाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने के साथ उनके कौशल, क्षमता और नेतृत्व को विकसित करने पर भी जोर दिया जाता है।संगठन की ओर से बताया गया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक स्वावलंबन, समरसता और स्वाभिमान ऐसे विषय हैं, जो महिला के व्यक्तिगत जीवन से लेकर परिवार और समाज तक व्यापक प्रभाव डालते हैं। इन क्षेत्रों में निरंतर कार्य करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
विभिन्न जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों का विस्तार
भारतीय स्त्री शक्ति मध्यप्रदेश महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत गैर-राजनीतिक एवं स्वयंसेवी संगठन है। संगठन द्वारा मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में महिलाओं के लिए शैक्षणिक अवसर, स्वास्थ्य जागरूकता, निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वयं सहायता समूह, उद्यमिता प्रशिक्षण तथा महिला सुरक्षा एवं अधिकारों से संबंधित गतिविधियां संचालित की जाती हैं।संगठन की ओर से बताया गया कि विभिन्न जिलों में चल रही गतिविधियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए परिवार संपर्क को महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया है। इसके माध्यम से महिलाओं से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें संगठन के कार्यों की जानकारी देने और उनकी सहभागिता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
दमोह में संगठन को और मजबूत करने की कार्ययोजना
बैठक में दमोह नगर और आसपास के क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को और व्यापक बनाने पर भी चर्चा की गई। अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंच बनाने, महिलाओं को संगठन के सामाजिक कार्यों से जोड़ने तथा स्थानीय स्तर पर महिला सशक्तिकरण से संबंधित गतिविधियों को गति देने की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का संदेश तभी व्यापक रूप से प्रभावी हो सकता है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक परिवार की महिलाओं तक संवाद पहुंचे। इसी उद्देश्य से संपर्क अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने तथा महिलाओं की सहभागिता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
बैठक के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने, महिला सशक्तिकरण के संदेश को अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाने, महिलाओं को शिक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने, आर्थिक स्वावलंबन के अवसरों से जोड़ने तथा आगामी विभाग सम्मेलन एवं प्रशिक्षण वर्ग को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।
