कलेक्टोरेट के बाहर बैरिकेड हटाने को लेकर पुलिस से धक्का-मुक्की, चार पुतले जलाने के प्रयास; पुलिस ने अधजले पुतले किए जब्त

दमोह। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेष कुमार को पद से हटाने तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को दमोह में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टोरेट पहुंचे और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल की तैनाती रही और कलेक्टोरेट के मुख्य द्वार पर बैरिकेड लगाए गए थे।प्रदर्शन के दौरान कलेक्टोरेट के मुख्य द्वार की ओर आगे बढ़ने को लेकर कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खींचतान की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया, जिस पर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान मौके पर कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी।
सीमित संख्या में कार्यकर्ता, फोटो-वीडियो बनाने में भी सक्रियता
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की संख्या अपेक्षाकृत सीमित रही। प्रदर्शन की शुरुआत से लेकर मध्य तक एक कार्यकर्ता के हाथ में पुराना पंजा निशान वाला झंडा दिखाई दिया, जबकि कार्यक्रम के समापन के दौरान भी एक दर्जन से कम झंडे नजर आए। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता नारेबाजी के साथ फोटो और वीडियो बनाने में भी सक्रिय दिखाई दिए।कलेक्टोरेट के मुख्य द्वार के आसपास प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी नजर रखे हुए थे। पुलिस के खुफिया तंत्र की मौजूदगी भी सांची पार्लर तथा उसके आसपास के क्षेत्र में दिखाई देती रही।
अलग-अलग स्थानों से चार पुतले लाने का प्रयास
प्रदर्शन के दौरान अलग-अलग दिशाओं से चार पुतले लाकर उन्हें आग लगाने का प्रयास किए जाने की स्थिति बनी। पुलिसकर्मियों ने पुतलों को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया, जबकि फायर ब्रिगेड की मदद से आग बुझाने की कार्रवाई भी की गई। पुलिस ने कुछ पुतलों को अधजली अवस्था में जब्त कर लिया।इस दौरान आसपास के क्षेत्र से पुतले प्रदर्शन स्थल की ओर लाए जाते रहे। पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें रोकने और जब्त करने का प्रयास किया गया। घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय रही।
इलेक्ट्रॉनिक ऑटो रिक्शा से लाया गया पुतला बना चर्चा का केंद्र
प्रदर्शन के दौरान सबसे अधिक ध्यान उस घटनाक्रम पर गया, जब कांग्रेस नेता बबलू भट्ट पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से इलेक्ट्रॉनिक ऑटो रिक्शा से प्रदर्शन स्थल की तरफ पहुंचे। बताया गया कि ऑटो रिक्शा में एक पुतला रखा गया था, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेष कुमार के चित्र लगे थे।
ऑटो रिक्शा से प्रदर्शन स्थल की ओर पहुंचने के दौरान पुतले में आग लगाए जाने का प्रयास किया गया। आग लगने के बाद उसे प्रदर्शन स्थल की ओर ले जाया गया। इसी दौरान पुलिस ने पानी की तेज फुहार का इस्तेमाल करते हुए जलते पुतले को बुझाने का प्रयास किया। पुलिस की कार्रवाई के बाद पुतले को कब्जे में ले लिया गया और उसे पूरी तरह जलने से रोक दिया गया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बनी रही तनातनी की स्थिति
पुतले जलाने के प्रयासों के दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर खींचतान की स्थिति बनी। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के साथ-साथ आग से संबंधित स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने भी आग बुझाने की कार्रवाई में सहयोग किया।
पुलिस की निगरानी सांची पार्लर और आसपास के क्षेत्र में भी बनी रही, लेकिन इसी दौरान आसपास से पुतले प्रदर्शन स्थल की ओर पहुंचते रहे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें जब्त करने तथा आग बुझाने की कार्रवाई की।
नारेबाजी के बाद सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस की ओर से एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गईं तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेष कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई गई।प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस ने बैरिकेड के पास प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने, पुतलों को जब्त करने और आग की स्थिति को संभालने की कार्रवाई की। पुतले जलाने के प्रयासों के कारण प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा का विषय रही।
