चौकी प्रभारी सहित एक पुलिसकर्मी निलंबित, बंद पड़े 26 कैमरे कराए गए चालू; चौकी पर 5 पुलिसकर्मियों की तैनाती, स्थाई चौकी के लिए शासन को भेजा प्रस्ताव
दमोह, 4 अक्टूबर 2026। गौवंश संरक्षण को लेकर आमजन द्वारा दिए गए ज्ञापन के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से सामने आई शिकायतों और मांगों पर प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई कराई गई है। प्रशासन का प्रयास है कि संबंधित क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था प्रभावी हो और किसी भी संभावित घटना की जानकारी समय रहते प्राप्त हो सके।
कलेक्टर ने बताया कि संबंधित पुलिस चौकी प्रभारी सहित एक पुलिसकर्मी को पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल निलंबित किया गया है। इसके साथ ही चौकी क्षेत्र में निगरानी के लिए लगाए गए कैमरों के बंद होने की जानकारी सामने आने के बाद सभी 26 कैमरों को चालू करा दिया गया है। इससे क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को पहले की अपेक्षा अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।
चौकी पर 5 पुलिसकर्मियों की तैनाती, लगातार गश्त के निर्देश
कलेक्टर यादव ने बताया कि क्षेत्र में स्थाई पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस चौकी को स्थाई चौकी के रूप में विकसित किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद यहां स्थाई पुलिस व्यवस्था विकसित किए जाने की दिशा में आगे की कार्रवाई होगी।फिलहाल तत्काल व्यवस्था के तहत चौकी पर 5 पुलिसकर्मियों की पदस्थापना की गई है। उन्हें क्षेत्र में लगातार गश्त करने तथा नियमित रूप से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से कानून-व्यवस्था एवं निगरानी दोनों को मजबूती मिलेगी।
सड़क पर मांस विक्रय की शिकायतों पर लगातार कार्रवाई
कलेक्टर ने सड़क पर मांस विक्रय किए जाने संबंधी शिकायतों को लेकर भी प्रशासन की कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूर्व दिवस भी कार्रवाई की गई थी। रविवार को भी संबंधित टीम को मौके पर भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पर मांस विक्रय से संबंधित शिकायतों पर आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य शासन के निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना तथा ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकना है।
अतिक्रमण पर सीमांकन और नियमानुसार कार्रवाई
अतिक्रमण संबंधी शिकायतों पर कलेक्टर ने कहा कि नगरपालिका द्वारा संबंधित पक्षों को विधिवत नोटिस दिए गए तथा सीमांकन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद चिन्हित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है।उन्होंने कहा कि क्षेत्र से अन्य अतिक्रमणों की सूचनाएं भी प्राप्त हुई हैं। इन मामलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से हो।
घटना के बाद नहीं, पहले सक्रिय हो सूचना तंत्र
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि प्रशासन के सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि किसी घटना अथवा विवाद की स्थिति निर्मित होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को ऐसी परिस्थितियों की जानकारी पहले ही मिल जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में तनाव, विवाद अथवा किसी प्रकार की समस्या की संभावना दिखाई देती है तो उसकी सूचना समय रहते प्रशासन तक पहुंचे, ताकि संबंधित पक्षों से चर्चा और समन्वय के माध्यम से समस्या का समाधान पहले ही किया जा सके।कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का प्रयास केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न होने से पहले ही उन्हें चिन्हित कर समाधान की दिशा में काम किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से सूचना तंत्र, पुलिस निगरानी और मैदानी समन्वय को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
