पहली बार डिजिटल स्वरूप में होगी जनसंख्या गणना, अधिकारियों-कर्मचारियों को दी जा रही प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी
(डॉ.एल.एन.वैष्णव)
दमोह/05 Oct.2026/ भारत की आगामी जनगणना के द्वितीय चरण अर्थात जनसंख्या गणना की तैयारियों को लेकर दमोह जिले में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आज 05 अक्टूबर को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, ज्ञानचंद श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दमोह में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम 05 एवं 06 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रताप नारायण यादव ने मां वीणापाणी की आराधना एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी ने कलेक्टर प्रताप नारायण यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्रदान करने वाले अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों का भी स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जिले के अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जनगणना की प्रक्रिया और उद्देश्य पर दी गई जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी ने कहा कि भारत की जनगणना का द्वितीय चरण प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना की प्रक्रिया पूर्व में हुई जनगणनाओं की तुलना में कई दृष्टियों से अलग स्वरूप में संचालित की जाएगी। विशेष रूप से डिजिटल माध्यम से जानकारी संकलित करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।
उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों को जनगणना के उद्देश्य, प्रक्रिया, दायित्व और निर्धारित कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना केवल जनसंख्या की संख्या जानने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण आधार उपलब्ध कराती है।
जनगणना के माध्यम से देश में निवास करने वाली आबादी की संख्या, परिवारों की स्थिति तथा विभिन्न सामाजिक एवं जनसांख्यिकीय पहलुओं से संबंधित आंकड़े प्राप्त होते हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य की अनेक विकास योजनाओं, संसाधनों के नियोजन तथा विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यकताओं का आकलन करने में सहायता मिलती है।
पहली बार डिजिटल रूप में जनसंख्या गणना
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रताप नारायण यादव ने कहा कि जनगणना का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जिम्मेदारी वाला कार्य है। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना पहली बार डिजिटल स्वरूप में संपन्न होगी, इसलिए इससे जुड़े प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के लिए प्रशिक्षण का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता और पूरी निष्ठा के साथ प्राप्त करें। प्रशिक्षण के दौरान प्रक्रिया से संबंधित प्रत्येक बिंदु को समझना आवश्यक है, ताकि वास्तविक जनगणना के समय किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न न हो।उन्होंने कहा कि जनगणना देश के विकास और भविष्य की योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आधार है। देश में उपलब्ध संसाधनों का नियोजन, जनसंख्या के अनुरूप आवश्यक सुविधाओं का आकलन तथा विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की दिशा निर्धारित करने में जनगणना के आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
फरवरी माह में प्रारंभ होगी जनगणना
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि आगामी फरवरी माह में जनगणना की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। उन्होंने कहा कि उच्च कार्यालयों से प्राप्त होने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी। प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके दायित्वों और कार्यप्रणाली से अवगत कराया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य व्यापक स्तर पर किया जाता है और इसमें प्रत्येक परिवार एवं व्यक्ति से संबंधित निर्धारित जानकारी का सही तरीके से संकलन अत्यंत आवश्यक है। इसलिए प्रशिक्षण के दौरान प्रक्रिया की बारीकियों को समझना और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।
सही आंकड़ों के लिए मैदानी स्तर पर महत्वपूर्ण होगी भूमिका
जनगणना की सफलता काफी हद तक मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की दक्षता और सजगता पर निर्भर करती है। डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संकलन की व्यवस्था लागू होने के कारण संबंधित कर्मचारियों को तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी होना भी आवश्यक होगा।प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह समझाया जा रहा है कि निर्धारित प्रपत्रों, डिजिटल माध्यम और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के तहत जानकारी किस प्रकार दर्ज की जाएगी। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण रहेगा कि नागरिकों से प्राप्त जानकारी को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप सही एवं सावधानीपूर्वक दर्ज किया जाए।जनगणना के आंकड़े भविष्य में देश और राज्यों के स्तर पर विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण के लिए आधार का कार्य करते हैं। ऐसे में आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता इस पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पक्ष है।
दो दिवसीय प्रशिक्षण में प्रक्रिया की बारीकियों पर जोर
05 एवं 06 अक्टूबर को आयोजित इस जिला स्तरीय प्रशिक्षण में जनगणना की आगामी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना कार्य से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों, तकनीकी प्रक्रिया और उच्च स्तर से जारी होने वाले दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य कर सकें।कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने प्रशिक्षण में शामिल सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए अपेक्षा व्यक्त की कि वे जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और पूरी जिम्मेदारी के साथ संपादित करेंगे।कार्यक्रम के माध्यम से जिले में आगामी जनगणना की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया को गति देने का संदेश भी सामने आया। अब प्रशिक्षण के बाद प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगामी चरणों की तैयारियां आगे बढ़ाई जाएंगी।
