15 वर्ष पुरानी बस के संचालन पर उठे सवाल, वाहन स्वामी को सात दिन में जवाब देने का नोटिस; स्थायी परमिट निरस्त करने की भी चेतावनी
दमोह, 10 अक्टूबर 2026, शनिवार। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में शनिवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो छात्राओं की मौत और एक छात्रा के गंभीर रूप से घायल होने के बाद परिवहन विभाग ने संबंधित यात्री बस के विरुद्ध कार्रवाई की है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार सागर ने दमोह से जबलपुर मार्ग पर संचालित बस के स्थायी परमिट को 30 दिनों के लिए निलंबित करते हुए वाहन स्वामी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि नियमों के उल्लंघन पर स्थायी परमिट निरस्त क्यों न कर दिया जाए।
आज 10 अक्टूबर, शनिवार को नोहटा थाना क्षेत्र के ग्राम अभाना के समीप यात्री बस क्रमांक एमपी 20 पीए 0550 ने एक अन्य वाहन पर सवार छात्राओं को टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में दो छात्राओं की मौत हो गई, जबकि एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद बस की वैधानिक स्थिति और परिवहन नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठने लगे।
सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार सागर द्वारा वाहन स्वामी मुस्तरी बेगम, निवासी नूरी नगर दमोह, को जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि संबंधित बस का पंजीयन 2 सितंबर 2011 को हुआ था और वाहन 15 वर्ष की निर्धारित आयु पूरी कर चुका है।जिला परिवहन अधिकारी दमोह के प्रतिवेदन के अनुसार, बस दमोह से जबलपुर मार्ग पर स्टेज कैरिज के स्थायी परमिट के अंतर्गत संचालित हो रही थी। परिवहन प्राधिकार ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि निर्धारित नियमों के अनुसार 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुके वाहन को संबंधित श्रेणी का परमिट स्वीकृत नहीं किया जा सकता।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि वाहन के 15 वर्ष पूरे होने से पहले स्थायी परमिट पर किसी नवीन यात्री वाहन का प्रतिस्थापन कराया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसे मोटरयान अधिनियम और परमिट की शर्तों का उल्लंघन माना गया है।इसी आधार पर मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 86(1)(क) के अंतर्गत दमोह से जबलपुर मार्ग के एक वापसी फेरे के स्थायी परमिट को 30 दिनों के लिए निलंबित किया गया है। संबंधित परमिट की वैधता 3 मई 2025 से 2 मई 2030 तक निर्धारित थी।
वाहन स्वामी को सात दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जा सकती है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित वाहन का संचालन नहीं किया जाएगा। जिला परिवहन अधिकारी दमोह को नोटिस तत्काल तामील कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।इस कार्रवाई के बाद एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि बस निर्धारित आयु पूरी कर चुकी थी और नवीन वाहन का प्रतिस्थापन नहीं कराया गया था, तो उसका संचालन रोकने के लिए दुर्घटना से पहले क्या कदम उठाए गए थे? नियमित जांच और परमिट शर्तों के पालन की निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी?फिलहाल परिवहन विभाग ने परमिट निलंबन और स्थायी परमिट निरस्त करने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। स्थायी परमिट निरस्त करने का अंतिम निर्णय वाहन स्वामी का पक्ष प्राप्त होने और नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
