कलेक्टर प्रताप नारायण यादव बोले—हर पात्र व्यक्ति तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे योजनाओं का लाभ; नोहटा में शिविर, जबेरा में स्वामित्व योजना की पहली रजिस्ट्री हितग्राही को मिली

दमोह। आज 16 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत दमोह जिले के नोहटा क्षेत्र की 37 ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक दलों ने पहुंचकर शासकीय योजनाओं और सरकारी संस्थानों की स्थिति का निरीक्षण किया। अभियान के अंतर्गत गठित 37 दलों ने गांवों में स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, छात्रावास, उचित मूल्य की दुकानों सहित अन्य शासकीय संस्थानों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सामने आई जानकारी को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया गया, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
ग्राम पंचायत नोहटा में आयोजित शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। प्रत्येक पात्र हितग्राही को समय पर, सम्मानपूर्वक और पारदर्शी तरीके से लाभ मिलना प्रशासन की प्राथमिकता है। नागरिकों को अपने अधिकारों और योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
37 दलों ने किया शासकीय संस्थानों का निरीक्षण
कलेक्टर यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत 37 दल गठित किए गए थे। प्रत्येक दल में दो-दो जिला स्तरीय अधिकारी शामिल रहे। इन दलों ने संबंधित ग्राम पंचायतों में पहुंचकर विभिन्न शासकीय संस्थानों की व्यवस्थाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का निरीक्षण किया।अभियान का उद्देश्य केवल सरकारी संस्थानों का निरीक्षण करना नहीं, बल्कि यह पता लगाना भी है कि योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है या नहीं। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
शिविर में आवेदन, स्वास्थ्य परीक्षण और हितलाभ वितरण
नोहटा में आयोजित शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए, जहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और आवेदन प्रस्तुत किए। जिन प्रकरणों का निराकरण मौके पर संभव था, उनके समाधान की कार्रवाई की गई। वहीं, जिन मामलों में विस्तृत प्रक्रिया आवश्यक है, उनका शीघ्र निराकरण कर संबंधित हितग्राहियों को जानकारी देने की बात कही गई।
कार्यक्रम में पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए तथा लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान की गई। स्वामित्व योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं के हितलाभ भी वितरित किए गए। शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था भी की गई, ताकि ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सके। संबल योजना सहित अन्य योजनाओं के पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के लिए भी विभागीय स्तर पर प्रयास किए गए।
जिले में आयोजित होंगे कुल 19 शिविर
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत जिले में कुल 19 शिविर आयोजित किए जाने हैं। नोहटा में आयोजित शिविर अभियान का नौवां शिविर था और अब अभियान का दूसरा चरण शुरू हो गया है। आगामी शुक्रवार को दूसरे स्थान पर शिविर आयोजित किए जाने की जानकारी भी दी गई।इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन का प्रयास है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों की समस्याओं को सुना जाए, पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाए और शासकीय सेवाओं की उपलब्धता को अधिक प्रभावी बनाया जाए।
गांव स्तर पर समस्याओं का निराकरण करने पर जोर
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं आना पड़े। ग्राम स्तर पर निराकरण योग्य मामलों का समाधान गांव में ही किया जाए, जबकि तहसील और अनुभाग स्तर से संबंधित प्रकरणों का निराकरण निर्धारित स्तर पर सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से प्रत्येक मंगलवार को अनुभाग स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाती है। इन बैठकों में तहसीलदार, पटवारी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होते हैं, ताकि नागरिकों की समस्याओं का समन्वित तरीके से समाधान किया जा सके।
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की कि यदि वे किसी शासकीय योजना के लिए पात्र हैं, लेकिन उन्हें उसका लाभ नहीं मिल रहा है, तो संबंधित विभाग, तहसील, जनपद पंचायत अथवा निर्धारित नियंत्रण कक्ष के माध्यम से अपनी समस्या दर्ज कराएं। इसके बावजूद निराकरण नहीं होने पर जनसुनवाई या कलेक्टर कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
जन-विश्वास शिविर सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक: सतेंद्र सिंह
कार्यक्रम में सतेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास शिविर सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर सरकार आमजन तक पहुंचकर उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रही है। शिविर का उद्देश्य योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाना और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है।रूपेश सेन ने कहा कि शिविर के माध्यम से 37 ग्राम पंचायतों के लोगों को अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिला। विभिन्न विभागों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई की गई तथा हितग्राहियों को राहत राशि सहित अन्य लाभ वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिलती है।
जबेरा तहसील में स्वामित्व योजना की पहली रजिस्ट्री प्रदान

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत जबेरा तहसील में स्वामित्व योजना के अंतर्गत पहली रजिस्ट्री हितग्राही कोमल सिंह ठाकुर, निवासी ग्राम घाना, को प्रदान की गई। यह पहल ग्रामीणों को उनकी संपत्ति से संबंधित अधिकारों के दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराने और नागरिकों के अधिकारों को दस्तावेजी आधार देने का प्रयास किया जाता है। जबेरा तहसील में पहली रजिस्ट्री प्रदान किए जाने से संबंधित हितग्राही को अपनी संपत्ति के अधिकार का दस्तावेज प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने, पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने और नागरिकों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निराकरण करने पर जोर दिया है। अभियान की प्रभावशीलता इस बात से भी आंकी जाएगी कि निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों पर कितनी शीघ्र कार्रवाई होती है और पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ किस सीमा तक समय पर मिल पाता है।
