चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में बिगड़ा संतुलन, ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिरने से पहले जवानों ने बचाया; ऑपरेशन ‘यात्री जीवन रक्षा’ के तहत दिखाई सतर्कता
जबलपुर, 17 अक्टूबर 2026। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल के मैहर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने अदम्य साहस, सतर्कता और तत्परता का परिचय देते हुए 70 वर्षीय बुजुर्ग यात्री की जान बचा ली। चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास के दौरान यात्री का संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच गिरने की स्थिति में पहुंच गया। ऐसे गंभीर और संकटपूर्ण क्षण में ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के दो जवानों ने बिना समय गंवाए तत्काल कार्रवाई की और यात्री को सुरक्षित बाहर खींच लिया। जवानों की सूझबूझ से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर को मैहर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर रेलवे सुरक्षा बल के प्रधान आरक्षक सुजीत कुमार द्विवेदी एवं महिला आरक्षक सोनम सिंह नियमित ड्यूटी पर तैनात थे। दोपहर लगभग 13:10 बजे ट्रेन संख्या 09821 प्लेटफॉर्म पर पहुंची। ट्रेन के निर्धारित ठहराव के बाद दोपहर 13:16 बजे जब ट्रेन रवाना होने लगी, उसी दौरान एक बुजुर्ग यात्री ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया।
इसी दौरान यात्री का संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच गिरने लगा। स्थिति बेहद गंभीर थी। यदि कुछ क्षणों की भी देरी होती तो यात्री किसी बड़े हादसे का शिकार हो सकता था। मौके पर मौजूद प्रधान आरक्षक सुजीत कुमार द्विवेदी और महिला आरक्षक सोनम सिंह ने खतरे को भांपते हुए तत्काल यात्री की ओर दौड़ लगाई। दोनों जवानों ने तत्परता से यात्री को पकड़कर सुरक्षित प्लेटफॉर्म की ओर खींच लिया। इस त्वरित कार्रवाई से बुजुर्ग यात्री की जान बच गई।
घटना के बाद पूछताछ में यात्री की पहचान सुजीत कुमार केसरी, उम्र 70 वर्ष, निवासी अमला टोला, जिला बक्सर, बिहार के रूप में हुई। आरपीएफ कर्मियों की सतर्कता और साहस ने यह साबित किया कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात बल के जवान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए सजग रहते हैं।
ऑपरेशन ‘यात्री जीवन रक्षा’ के तहत सतर्कता का परिचय
रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे सुरक्षा बल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऑपरेशन ‘यात्री जीवन रक्षा’ के अंतर्गत संकट में फंसे यात्रियों की सहायता और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आरपीएफ कर्मियों की तत्परता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मैहर स्टेशन पर हुई यह घटना भी इसी सतर्कता और जिम्मेदारी का उदाहरण है। प्रधान आरक्षक सुजीत कुमार द्विवेदी और महिला आरक्षक सोनम सिंह ने जिस तेजी से स्थिति को संभाला, उससे एक बुजुर्ग यात्री को सुरक्षित बचाया जा सका।
यात्रियों से रेलवे प्रशासन की अपील
इस घटना के मद्देनजर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। ट्रेन के चलने के बाद उसमें चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। कई बार कुछ सेकंड बचाने की जल्दबाजी जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। यात्रियों को चाहिए कि वे ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही उसमें चढ़ें या उतरें तथा प्लेटफॉर्म पर भी सतर्कता बरतें।विशेष रूप से बुजुर्ग यात्रियों, बच्चों और अन्य जरूरतमंद यात्रियों को ट्रेन में चढ़ते-उतरते समय अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर रेलवे कर्मचारियों या रेलवे सुरक्षा बल से सहायता लेनी चाहिए।मैहर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि समय पर दिखाई गई सतर्कता और साहस किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक साबित हो सकते हैं। दोनों जवानों की तत्परता न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के प्रति कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता का भी प्रेरक उदाहरण है।
