समिट में सेमीकंडक्टर उद्योग की विभिन्न तकनीकों, विनिर्माण की संभावनाओं और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में नए अवसरों पर चर्चा होगी। चिप डिजाइन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और आधुनिक तकनीकी समाधानों को लेकर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। आयोजन का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश में इस क्षेत्र के लिए निवेश आकर्षित करना और उद्योग से जुड़े लोगों के बीच सहयोग बढ़ाना है।
समिट के दौरान 50 से अधिक कंपनियां अपनी तकनीक, उत्पादों और समाधानों का प्रदर्शन करेंगी। प्रदर्शनी में चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग एवं टेस्टिंग, तकनीकी उपकरण, विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन से जुड़ी कंपनियां शामिल होंगी। कार्यक्रम में आठ पैनल चर्चाएं, पांच राउंडटेबल बैठकें और दो मुख्य व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से उद्योग की जरूरतों, तकनीकी विकास और निवेश से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
पहले दिन की चर्चाओं में मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर पैकेजिंग एवं टेस्टिंग हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा फैबलेस इकोसिस्टम, सेमीकंडक्टर विनिर्माण और आपूर्ति शृंखला को मजबूत बनाने जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए जरूरी अधोसंरचना, बौद्धिक संपदा और इस क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर भी चर्चा होगी।
दूसरे दिन का कार्यक्रम चिप टेक्नोलॉजी, AI और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्माण पर केंद्रित रहेगा। डिजाइन सेवाओं, अनुसंधान एवं विकास और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं को तैयार करने की जरूरत पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही फोटोनिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) से जुड़े विषयों पर बैठकें होंगी। इन चर्चाओं में तकनीकी नवाचार और उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास के अवसरों पर ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम के समापन समारोह में मध्य प्रदेश सेमीकॉन स्टार्टअप प्रतियोगिता के अंतिम चरण में चयनित विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य सेमीकंडक्टर क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप और नए तकनीकी समाधानों को प्रोत्साहित करना है। इससे इस क्षेत्र में नए उद्यमों को सामने लाने और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी।
सेमीकंडक्टर उद्योग में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025 को मंजूरी दी है। इस नीति के तहत पात्र निवेश परियोजनाओं के लिए 25 प्रतिशत सब्सिडी और 10 साल तक दो रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इन प्रोत्साहनों के जरिए प्रदेश में सेमीकंडक्टर से संबंधित औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने की योजना है।
इसी क्षेत्र में पारस सेमीकंडक्टर्स ने 6,200 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से उन्नत सेमीकंडक्टर असेंबली एवं टेस्टिंग (OSAT) सुविधा स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रस्तावित परियोजना से प्रदेश में सेमीकंडक्टर विनिर्माण और उससे जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं हैं। समिट में निवेश के अवसरों और नीतिगत प्रोत्साहनों पर चर्चा के साथ उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। तकनीकी अधोसंरचना, अनुसंधान, नवाचार और कुशल मानव संसाधन का विकास इस क्षेत्र के विस्तार से जुड़े प्रमुख विषय होंगे।
