प्रीति के पास शुरुआत में न तो मॉडलिंग के लिए कोई बड़ा स्टूडियो था और न ही महंगे डिजाइनर कपड़े खरीदने के पर्याप्त संसाधन। ऐसे में उन्होंने अपने घर के सामने की गली को ही अभ्यास का स्थान बना लिया। वहीं रैंप वॉक की तैयारी की और अपने वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने शुरू किए। धीरे-धीरे उनके वीडियो लोगों तक पहुंचने लगे और उनकी मेहनत को पहचान मिलने लगी। जिस गली में उन्होंने अपने मॉडलिंग सफर की शुरुआत की थी, वहां से आगे बढ़कर अब वह बड़े रैंप वॉक कार्यक्रमों में भी नजर आने लगी हैं।
बहन ने अपने हुनर से पूरा किया बहन का सपना
प्रीति की इस यात्रा में उनकी बहन रेखा प्रजापति का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मॉडलिंग के लिए महंगे कपड़े खरीदना परिवार के लिए आसान नहीं था। ऐसे में रेखा ने अपनी सिलाई के हुनर का इस्तेमाल करते हुए प्रीति के लिए कपड़े तैयार किए। इससे प्रीति को अपने अभ्यास और कार्यक्रमों के लिए जरूरी परिधान मिल सके।
रेखा का भी फैशन की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सपना है। वह फैशन डिजाइनर बनना चाहती हैं। इस तरह दोनों बहनें अपने-अपने हुनर के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं। एक बहन मॉडलिंग में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत कर रही है, जबकि दूसरी कपड़े सिलने की कला को फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र तक ले जाना चाहती है। उनका साथ दिखाता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार के भीतर मौजूद प्रतिभा और सहयोग बड़े सपनों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मिस्त्री पिता और गृहिणी मां ने बढ़ाया हौसला
प्रीति के पिता मोतीलाल प्रजापति मिस्त्री का काम करते हैं और उनकी मां कलिंदा प्रजापति गृहिणी हैं। परिवार में दो भाई और तीन बहनें हैं। सभी तीन कमरों के छोटे से मकान में रहते हैं। आर्थिक परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद माता-पिता ने प्रीति की महत्वाकांक्षाओं पर पाबंदी नहीं लगाई।
प्रीति की मां अपनी बेटी को आगे बढ़ते देखकर खुश हैं। वहीं पिता भी उसका पूरा सहयोग करते हैं और चाहते हैं कि वह अपनी मेहनत से परिवार का नाम रोशन करे। परिवार का यह समर्थन प्रीति के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा बना हुआ है।
गली में अभ्यास से बड़े रैंप तक का सफर
जब प्रीति घर के सामने की गली में रैंप वॉक का अभ्यास करती थीं, तब आसपास के लोग उनसे पूछते थे कि वह ऐसा क्यों कर रही हैं। उस समय उनके मॉडलिंग के सपने को लेकर लोगों के मन में सवाल थे। हालांकि, प्रीति ने अभ्यास जारी रखा और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ती रहीं। अब उनके प्रयासों को देखकर पड़ोसी भी उनकी तारीफ करते हैं।
प्रीति ने पॉलिटिकल साइंस में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। कोरोना काल में पढ़ाई प्रभावित होने के बाद उन्होंने मॉडलिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया। अब उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय फैशन मंचों पर रैंप वॉक करना और अपनी प्रतिभा को व्यापक पहचान दिलाना है।
प्रीति के लिए यह सफर केवल मॉडल बनने तक सीमित नहीं है। वह अपने परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़ना चाहती हैं। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण अपने सपनों को पूरा करने में कठिनाई महसूस करते हैं।
