नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 19 अक्टूबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों और प्रमुख क्षेत्रों के शेयरों में मुनाफावसूली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 876.37 अंक यानी 1.17 प्रतिशत टूटकर 73,852.90 पर आ गया। वहीं, निफ्टी 257.20 अंक यानी 1.11 प्रतिशत गिरकर 22,888.95 के स्तर पर बंद हुआ। इस गिरावट के साथ निफ्टी 23,000 के मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया।
सोमवार के कारोबार में बाजार के ज्यादातर प्रमुख क्षेत्रों में कमजोरी रही। निजी बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, एफएमसीजी और आईटी शेयरों पर दबाव देखने को मिला। निवेशकों की बिकवाली का असर बड़े शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के सूचकांकों पर भी पड़ा। बाजार में व्यापक गिरावट से संकेत मिला कि निवेशक वैश्विक परिस्थितियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
क्षेत्रीय सूचकांकों में निफ्टी प्राइवेट बैंक सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहा। यह 1.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.58 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 1.44 प्रतिशत और निफ्टी आईटी में 1.28 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। निफ्टी सर्विसेज 1.25 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.20 प्रतिशत और निफ्टी कंजप्शन 1.05 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। निफ्टी इंडिया डिफेंस में भी 0.94 प्रतिशत की गिरावट रही।
बाजार की व्यापक कमजोरी के बीच निफ्टी पीएसयू बैंक एकमात्र ऐसा प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक रहा, जिसने तेजी दर्ज की। यह 2.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मार्जिन और एसेट क्वालिटी स्थिर रहने की उम्मीदों से समर्थन मिला। इसके विपरीत, निजी बैंकों में तिमाही नतीजों और मुनाफे के मार्जिन को लेकर चिंताओं के कारण दबाव बना रहा।
बड़ी कंपनियों के अलावा मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 641.80 अंक यानी 1.09 प्रतिशत टूटकर 58,487.95 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में 194.05 अंक यानी 1.01 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 18,935.75 पर आ गया। इससे स्पष्ट हुआ कि बिकवाली का असर बाजार के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिला।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में भारतीय स्टेट बैंक, अदाणी पोर्ट्स, एलएंडटी और इंडिगो बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एनटीपीसी और एचडीएफसी बैंक समेत कई प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, टाइटन, टेक महिंद्रा, एमएंडएम और पावर ग्रिड भी गिरावट के साथ बंद हुए।
वैश्विक बाजार की परिस्थितियों ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। अमेरिका की ओर से रूस से जुड़े प्रमुख प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी आने की बात कही गई। इससे वैश्विक बाजार में रूसी ईंधन की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद बनी। हालांकि, भू-राजनीतिक तनावों के कारण कच्चे तेल की कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
कुल मिलाकर, कमजोर वैश्विक संकेतों, निजी बैंकिंग और आईटी शेयरों में बिकवाली तथा तिमाही नतीजों को लेकर बनी चिंताओं के बीच बाजार दबाव में रहा। निफ्टी का 23,000 से नीचे बंद होना और मिडकैप-स्मॉलकैप में गिरावट निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है।
