प्रदर्शन कर रही छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं है। उनके मुताबिक खाने में कीड़े निकलने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। छात्राओं ने सवाल उठाया कि छात्रावास में रहने वाली लड़कियों को यदि साफ और सुरक्षित भोजन नहीं मिलेगा तो उनके स्वास्थ्य की देखभाल कैसे होगी। उनका कहना है कि भोजन तैयार करने और परोसने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। खाने की गुणवत्ता की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि छात्राओं को किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
छात्राओं ने पेयजल व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि हॉस्टल में वाटर कूलर और साफ पीने के पानी की व्यवस्था में कमियां हैं। छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के लिए स्वच्छ पेयजल बेहद जरूरी है क्योंकि दूषित पानी से पेट संबंधी संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में पानी की नियमित सफाई और उसकी गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। छात्राओं ने मांग की कि वाटर कूलर की साफ-सफाई कराई जाए और पीने के लिए सुरक्षित पानी उपलब्ध कराया जाए।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी SFI भोपाल के बैनर तले छात्राओं ने हॉस्टल परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने भोजन और पानी के साथ-साथ छात्रावास की स्वच्छता और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि हॉस्टल केवल रहने की जगह नहीं है बल्कि छात्राओं की पढ़ाई और भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए यहां ऐसा वातावरण होना चाहिए जिसमें छात्राएं बिना किसी परेशानी के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें। बुनियादी सुविधाओं में कमी होने से उनकी दिनचर्या और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने प्रशासन से मांग की कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि केवल आश्वासन देने के बजाय भोजन की गुणवत्ता में सुधार पेयजल की उचित व्यवस्था और परिसर की साफ-सफाई पर नियमित निगरानी जरूरी है। छात्राओं ने उम्मीद जताई कि संबंधित अधिकारी मामले में तत्काल कार्रवाई करेंगे और हॉस्टल में रहने वाली सभी छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अब इस मामले में प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। यदि शिकायतों की जांच में भोजन या पेयजल की व्यवस्था में खामियां मिलती हैं तो उन्हें जल्द दूर किया जाना चाहिए। छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को स्वच्छ भोजन सुरक्षित पेयजल और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना संबंधित प्रबंधन की जिम्मेदारी है। फिलहाल छात्राओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर प्रशासन का ध्यान समस्याओं की ओर आकर्षित किया है।
