एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एशिया की छह टीमें हिस्सा लेंगी। जापान और मेजबान भारत के अलावा दक्षिण कोरिया चीन मलेशिया और बांग्लादेश की टीमें भी मैदान पर उतरेंगी। इन टीमों के बीच होने वाले मुकाबलों से हॉकी प्रशंसकों को रोमांचक खेल देखने का मौका मिलेगा। प्रतियोगिता में हर टीम की कोशिश बेहतर प्रदर्शन करते हुए खिताब की दौड़ में आगे बढ़ने की होगी।
जापान की टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संयोजन देखने को मिलेगा। टीम की कप्तानी फुजीशिमा रायकी करेंगे जबकि गोलकीपर की जिम्मेदारी कुरोदा किशो और कितागावा ताकुमी संभालेंगे। टीम में यामाडा शोटा तनाका सेरेन वतनबे जुन मात्सुमोतो काजुमासा नागाई युमा यामाशिता मनाबू नागायोशी केन सैतो हिरो काशिवागी रेन तनाका त्सुबासा ऊका रयोमा कवामुरा युसुके यामानाका मोटोया ओचियाई हारुकी और फुकुदा केंटारो भी शामिल हैं। जापानी खिलाड़ी पंजाब पहुंचने के बाद टूर्नामेंट के लिए अपनी तैयारियों को आगे बढ़ाएंगे।
इस बार प्रतियोगिता की मेजबानी पंजाब के लिए खास महत्व रखती है क्योंकि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पहली बार राज्य में आयोजित हो रही है। पंजाब को हॉकी की समृद्ध परंपरा और कई बड़े खिलाड़ियों के योगदान के लिए जाना जाता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस टूर्नामेंट की मेजबानी से राज्य को खेल आयोजन के क्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टूर्नामेंट को राज्य में आयोजित कराने के लिए प्रयास किए हैं।
पंजाब सरकार ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों को बेहतर सुविधाएं सुरक्षा और मेहमाननवाजी उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। खिलाड़ियों के ठहरने अभ्यास सत्र और एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है ताकि खिलाड़ियों को प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिल सके।
टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला 27 अक्टूबर को जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबले निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होंगे। फाइनल मुकाबला 5 नवंबर को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में होगा। जापान की टीम के पहुंचने के साथ ही प्रतियोगिता को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। अब हॉकी प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कौन सी टीम अपने प्रदर्शन के दम पर खिताब हासिल करती है और मेजबान भारत घरेलू मैदान पर कैसा खेल दिखाता है।
