एक लाख स्वयंसेवकों की कदमताल से दिया एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता का संदेश; 28 नवंबर को डेली कॉलेज में होगा ‘चरैवेति एकत्रीकरण’
इंदौर, 26 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इंदौर विभाग द्वारा विजयादशमी के अवसर पर 25 अक्टूबर, रविवार को महानगर की 345 बस्तियों में बस्तीशः पथ संचलन आयोजित किया गया। ‘चरैवेति-चरैवेति’ के जयघोष और राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ निकले इस संचलन में आयोजकों के अनुसार लगभग एक लाख स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। महानगर के चार जिलों के 34 नगरों में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से एकता, अनुशासन, संगठन और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।इंदौर महानगर के प्रमुख आंतरिक मार्गों से निकले पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवक कदमताल करते हुए आगे बढ़े। स्थानीय नागरिकों ने विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। आयोजन के दौरान अनेक स्थानों पर समाज के प्रमुखजन भी उपस्थित रहे।
राऊ में समरसता और सामाजिक एकता पर जोर
राऊ में स्वयंसेवकों और समाजजनों को संबोधित करते हुए मालवा प्रांत के प्रचारक राजमोहन जी ने कहा कि स्वयंसेवकों को समाज में व्याप्त विभिन्न प्रकार की विषमताओं को दूर करने और समरसता का भाव स्थापित करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने सामाजिक एकता को मजबूत बनाने तथा समाज के सभी वर्गों के बीच सद्भाव बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारतीय संस्कृति में विविधता ही एकात्मता का आधार: श्रीनाथ गुप्ता
ओल्ड पलासिया में प्रांत सह कार्यवाह श्रीनाथ जी गुप्ता ने अपने उद्बोधन में भारतीय संस्कृति की विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में विभेदों को विविधता के रूप में देखने और विविधता के भीतर एकात्मता का अनुभव करने की क्षमता है। यही सांस्कृतिक दृष्टि भारत को विश्व का मार्गदर्शन करने में सक्षम बनाती है।
345 बस्तियों में संचलन, लगभग 1200 किलोमीटर का मार्ग
इस वर्ष इंदौर विभाग का पथ संचलन एक साथ किसी एक मार्ग पर निकालने के बजाय अलग-अलग बस्तियों में आयोजित किया गया। आयोजकों के अनुसार, महानगर के चार जिलों के 34 नगरों की 345 बस्तियों के प्रमुख आंतरिक मार्गों से स्वयंसेवकों ने संचलन किया।प्रत्येक संचलन का मार्ग लगभग तीन से चार किलोमीटर निर्धारित किया गया था। सभी मार्गों को मिलाकर स्वयंसेवकों ने लगभग 1200 किलोमीटर की दूरी तय की। संचलन से पहले संबंधित स्थानों पर स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण हुआ, जहां व्यायाम और योग के साथ संघ के अधिकारियों के बौद्धिक उद्बोधन भी आयोजित किए गए।पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों की सहभागिता और पुष्पवर्षा के माध्यम से स्वागत देखने को मिला। आयोजन का प्रमुख उद्देश्य स्वयंसेवकों में अनुशासन, संगठनात्मक एकता और राष्ट्रसेवा के संकल्प को मजबूत करना बताया गया।
28 नवंबर को डेली कॉलेज में होगा ‘चरैवेति एकत्रीकरण’
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इंदौर विभाग का वृहत ‘चरैवेति एकत्रीकरण’ आगामी 28 नवंबर को शाम 4:30 बजे डेली कॉलेज में आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम संघ के शताब्दी वर्ष के समापन आयोजन के रूप में प्रस्तावित है। इसकी तैयारियों में स्वयंसेवक पिछले एक माह से जुटे हुए हैं।इस आयोजन का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है कि संघ की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक की मेजबानी का अवसर इंदौर को मिला है। इस बैठक में देशभर से संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
‘चरैवेति-चरैवेति’ का संदेश लेकर आगे बढ़ने का संकल्प
‘चरैवेति-चरैवेति’ का आशय है—अपने ध्येय पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहना। संघ के इस आयोजन में इसी विचार को केंद्र में रखते हुए राष्ट्र प्रथम, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक एकता के भाव को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।आयोजकों के अनुसार, विजयादशमी के अवसर पर निकला यह पथ संचलन स्वयंसेवकों के सामूहिक संकल्प और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक रहा। आगामी 28 नवंबर को होने वाले एकत्रीकरण के माध्यम से संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने और राष्ट्रसेवा के विचार को व्यापक समाज तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
