यह कार्रवाई कलेक्टर अर्पित वर्मा और आबकारी संभागीय उड़नदस्ता ग्वालियर के उपायुक्त संदीप शर्मा के निर्देश पर की गई। जिला आबकारी अधिकारी शुभम दांगोड़े के निर्देशन में विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर जांच की। अभियान के दौरान सुल्तान ढाबा मुन्ना ढाबा और पंजाबी ढाबे सहित कई होटल और ढाबों को जांच के दायरे में लिया गया। इसके अलावा पाठक होटल और तोमर होटल में भी टीम ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
रात के समय की गई इस कार्रवाई का मकसद उन स्थानों पर निगरानी रखना है जहां अवैध शराब की बिक्री या भंडारण की आशंका हो सकती है। टीम ने होटल और ढाबों की जांच के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी। वहीं सतनवाड़ा में सड़क पर वाहनों की चेकिंग की गई। इस दौरान वाहनों को रोककर जांच की गई ताकि अवैध रूप से शराब का परिवहन करने वालों पर कार्रवाई की जा सके। हालांकि विभाग की ओर से इस अभियान में किसी अवैध शराब की जब्ती या गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है।
जिला आबकारी अधिकारी शुभम दांगोड़े ने बताया कि जिले में अवैध शराब की बिक्री संग्रहण परिवहन और निर्माण रोकने के लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। इसके लिए होटल और ढाबों के साथ संदिग्ध स्थानों पर नियमित रूप से जांच की जा रही है। रात के समय सड़कों पर वाहनों की चेकिंग भी अभियान का हिस्सा है। विभाग का प्रयास है कि अवैध शराब से जुड़ी गतिविधियों को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक अवैध शराब का कारोबार रोकने के लिए केवल एक दिन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए लगातार निगरानी और अलग-अलग क्षेत्रों में जांच जरूरी है। इसी वजह से शिवपुरी शहर के साथ आसपास के इलाकों में भी आबकारी टीम सक्रिय रहेगी। आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी विशेष अभियान के तहत होटल ढाबों और संदिग्ध वाहनों की जांच की जाएगी।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग की इस सक्रियता से अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है। अब देखना होगा कि लगातार चलने वाला यह अभियान जिले में अवैध शराब की बिक्री और परिवहन को रोकने में कितना प्रभावी साबित होता है।
