दमोह /अमृत भारत एवं गति शक्ति योजना के तहत दमोह रेलवे स्टेशन के उन्नयन के लिए करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया गया निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। दो वर्ष बीतने के बावजूद स्टेशन परिसर में कई काम अधूरे पड़े हैं और प्लेटफॉर्म पर बिखरी निर्माण सामग्री यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।योजना के अंतर्गत प्लेटफॉर्म नंबर एक की ऊंचाई बढ़ाने, वीआईपी प्रतीक्षालय, नया कंट्रोल रूम, आरपीएफ थाना और आरक्षण केंद्र जैसे कुछ कार्य पूरे कर लिए गए हैं। लेकिन स्टेशन के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया का काम पिछले छह माह से ठप पड़ा है। पुराने आरक्षण केंद्र और सुलभ शौचालय को हटाकर यहां मिनी पार्क सहित आधुनिक सर्कुलेटिंग एरिया विकसित किया जाना था। साथ ही सीसी रोड और आवागमन मार्गों को व्यवस्थित किया जाना था, लेकिन फिलहाल यहां गिट्टी और निर्माण सामग्री बिखरी हुई है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है।
प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर अधूरा काम, हादसे की आशंका
प्लेटफॉर्म नंबर दो की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। कुछ माह पहले टीनशेड का विस्तार किया गया था, लेकिन आसपास का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। पुराने फर्श को उखाड़ने के बाद नए टाइल्स नहीं लगाए गए हैं। प्लेटफॉर्म पर रेत और गिट्टी फैली होने से यात्रियों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। ट्रेन आने के दौरान जल्दबाजी में यात्री फिसलने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
38 जोड़ी ट्रेनों का संचालन, बढ़ेगी भीड़
दमोह रेलवे स्टेशन से वर्तमान में 38 जोड़ी ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इनमें दैनिक, साप्ताहिक और सप्ताह में तीन दिन चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। बीना-कटनी के बीच तीसरी रेल लाइन शुरू होने के बाद आने वाले समय में ट्रेनों और यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में अधूरा पड़ा स्टेशन विकास कार्य यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिए चिंता बढ़ा रहा है।

नया फुटओवरब्रिज भी धीमी रफ्तार में
दूसरे चरण के तहत बनने वाले 12 मीटर चौड़े नए फुटओवरब्रिज का निर्माण भी कछुआ चाल से चल रहा है। करीब छह माह पहले शुरू हुए इस कार्य में अब तक केवल फाउंडेशन ही तैयार हुआ है। बीते एक माह से निर्माण कार्य लगभग बंद पड़ा बताया जा रहा है, जबकि इसकी समय-सीमा नौ माह निर्धारित की गई थी।
निगरानी के अभाव में बढ़ी सुस्ती
स्टेशन परिसर में कहीं अधूरा काम, तो कहीं बिखरी सामग्री अव्यवस्था को दर्शा रही है। निरीक्षण और निगरानी के अभाव में कार्य की गति धीमी पड़ गई है। इससे अमृत भारत और गति शक्ति योजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठने लगे हैं।
अधिकारियों का पक्ष
पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर के सीपीआरओ हर्षित श्रीवास्तव से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि दमोह स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य की जानकारी लेकर ही विस्तृत प्रतिक्रिया दी जाएगी।यदि समय रहते निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई, तो परियोजना में और देरी के साथ यात्रियों की परेशानियां बढ़ना तय माना जा रहा है।
