इंदौर/ इंदौर में ठेकेदारी विवाद में हुई हत्या के बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय नवम अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा सुनाया गया, जिसमें सभी आरोपियों को धारा 302/34 भादवि के तहत दोषी मानते हुए कठोर दंड दिया गया।
अभियोजन के अनुसार घटना 10 जून 2020 की शाम करीब 5:40 बजे जुनी इंदौर क्षेत्र में हुई थी। फरियादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका भाई राहुल झांझोटे मामा की दुकान के पास खड़ा था, तभी आरोपी—गोटू उर्फ प्रहलाद, सन्नी उर्फ कालू, कैलाश उर्फ शंभू और हेमराज बागवान—मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे। चारों ने मिलकर विवाद के दौरान राहुल झांझोटे से मारपीट शुरू कर दी।
इसी दौरान आरोपी गोटू उर्फ प्रहलाद ने कट्टा निकालकर जान से मारने की नीयत से गोली चला दी, जो राहुल झांझोटे की गर्दन में जा लगी और आर-पार निकल गई। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस ने थाना जुनी इंदौर में अपराध क्रमांक 299/2020 के तहत धारा 302, 34 भादवि में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच पूरी होने के बाद अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए। मामले की सुनवाई के दौरान गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई।
इस फैसले को ठेकेदारी विवाद में हुई हत्या के मामले में कड़ा संदेश माना जा रहा है, जिससे स्पष्ट हुआ कि सामूहिक रूप से की गई हिंसा और हत्या के मामलों में कानून सख्ती से कार्रवाई करता है।
