नीमच। आगामी त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को देखते हुए जिला दण्डाधिकारी हिमांशु चंद्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(1) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश 23 मार्च 2026 से 21 मई 2026 तक प्रभावशील रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया, सार्वजनिक आयोजनों, हथियार प्रदर्शन और अफवाह फैलाने पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
जारी आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, एसएमएस या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग धार्मिक, सामाजिक या जातिगत भावनाओं को भड़काने के लिए नहीं करेगा। किसी भी प्रकार के भड़काऊ संदेश, अफवाह या विद्वेष फैलाने वाली पोस्ट को न तो प्रसारित किया जाएगा और न ही लाइक, शेयर या फॉरवर्ड किया जाएगा। ग्रुप एडमिन को भी इसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी दी गई है कि वह ऐसे संदेशों को तत्काल रोके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति सामुदायिक वैमनस्य फैलाने, घृणा पैदा करने या हिंसा के लिए उकसाने वाले संदेश प्रसारित नहीं करेगा। किसी भी पोस्ट या संदेश को सत्यापन के बाद ही आगे साझा करने की अपील की गई है। अफवाह फैलाने या तथ्य तोड़-मरोड़ कर प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला दण्डाधिकारी द्वारा साइबर कैफे संचालकों के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। किसी भी अज्ञात व्यक्ति को बिना वैध पहचान पत्र के साइबर कैफे उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। संचालकों को आगंतुकों का नाम, पता, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र की जानकारी रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। साथ ही साइबर कैफे में वेब कैमरा लगाकर उपयोगकर्ताओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना भी जरूरी होगा।
आदेश के तहत मोबाइल कंपनियों और विक्रेताओं को बिना आवश्यक दस्तावेजों के सिम कार्ड जारी करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। मकान मालिकों को अपने किरायेदारों की जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को देना अनिवार्य किया गया है।
त्योहारों के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर आग्नेय शस्त्र या अन्य घातक हथियारों के प्रदर्शन पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बंदूक, पिस्तौल, रिवाल्वर, खंजर, तलवार या अन्य किसी भी हथियार को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किया जा सकेगा, चाहे व्यक्ति लाइसेंसधारी ही क्यों न हो।
इसके अलावा धार्मिक जुलूस, चल समारोह या रैली निकालने के लिए संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। नेशनल और स्टेट हाईवे पर चक्काजाम, धरना या मार्ग अवरोध करना भी प्रतिबंधित रहेगा। जुलूसों के दौरान अशोभनीय नारेबाजी पर भी रोक लगाई गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
