(डॉ एल एन वैष्णव)
दमोह (मध्य प्रदेश)दमोह नगर में इन दिनों ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा की अनियंत्रित दौड़ ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। शहर की मुख्य सड़कों, बाजार, अस्पताल मार्ग, बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर बड़ी संख्या में अनफिट और बिना नियंत्रण वाले वाहन मनमाने ढंग से दौड़ते नजर आ रहे हैं। कहीं भी सवारी उतारना-चढ़ाना, अचानक कट मारना, बीच सड़क खड़े हो जाना और ओवरलोडिंग जैसे दृश्य आम हो चुके हैं। इससे हर समय जाम की स्थिति बन रही है और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
🚧 अनफिट वाहन और बिना नियम संचालन
शहर में दर्जनों ऐसे ई-रिक्शा और ऑटो संचालित हो रहे हैं जिनमें
- फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं
- परमिट और रूट निर्धारित नहीं
- नंबर प्लेट अधूरी या गायब
- चालक पहचान नहीं
- ओवरलोडिंग सामान्य बात
ये वाहन बिना किसी नियंत्रण के स्कूल, अस्पताल और बाजार मार्गों पर भी दौड़ते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बढ़ रहा है। कई चालक बिना लाइसेंस या नाबालिग होने के बावजूद वाहन चलाते देखे जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता ही निभाई जाती है।
📊 पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी समस्या
जानकारों के अनुसार दमोह नगर में पिछले 5–6 वर्षों में ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या तेजी से बढ़ी है —
- 2020 : सीमित ऑटो संचालन, जाम की समस्या कम
- 2021–22 : ई-रिक्शा की संख्या बढ़ना शुरू
- 2023 : बाजार क्षेत्र और बस स्टैंड पर अव्यवस्था
- 2024 : अनियंत्रित संचालन, दुर्घटनाओं में वृद्धि
- 2025–26 : बिना रूट-स्टैंड हर सड़क पर कब्जा, रोजाना जाम
🚨 कार्रवाई केवल दिखावा?
शहर में यह भी चर्चा है कि यातायात पुलिस द्वारा कभी-कभार दिखावे की कार्रवाई की जाती है, लेकिन नियमित जांच नहीं होने से हालात जस के तस बने रहते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर में संचालित कुछ ट्रांसपोर्ट वाहनों पर मेहरबानी दिखाई जाती है और उनके वाहनों को शहर में प्रवेश कराने में सहयोग किया जाता है, जबकि बाहर से धोखे से प्रवेश करने वाले भारी वाहनों पर कार्रवाई की बात केवल चर्चा तक ही सीमित रह जाती है।
😟 आम लोगों की बढ़ती परेशानी
- बाजार में पैदल चलना मुश्किल
- स्कूल समय पर जाम की स्थिति
- एम्बुलेंस तक फंस रही
- दुर्घटना का खतरा बढ़ा
- ट्रैफिक नियमों की खुली अनदेखी
- मुख्य मार्गों पर अनियोजित स्टैंड
नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका और यातायात पुलिस के बीच समन्वय की कमी से समस्या बढ़ती जा रही है। शहर में सैकड़ों ई-रिक्शा-ऑटो बिना किसी नियंत्रण के संचालित हो रहे हैं और कोई स्पष्ट नीति लागू नहीं है।
🛑 जिम्मेदार विभाग खामोश
इस पूरे मामले में नगर पालिका और यातायात पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अवैध संचालन रोकने की बजाय केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती है। न तो पार्किंग की व्यवस्था बनाई गई और न ही स्टैंड, जिससे सड़कों पर अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है।
🔴 क्या होना चाहिए
- सभी ई-रिक्शा-ऑटो का पंजीयन
- फिटनेस जांच अभियान
- तय रूट और स्टैंड
- ओवरलोडिंग पर सख्ती
- नियमित यातायात अभियान
- नाबालिग चालकों पर कार्रवाई
- भारी वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण
यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए तो दमोह नगर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप होने की आशंका है। फिलहाल अनफिट ई-रिक्शा और ऑटो की धमा-चौकड़ी के बीच आम नागरिक ही सबसे ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। 🚦
