दमोह, बुधवार 1 अप्रैल/ शहर में जल संरक्षण, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बुधवार को सुभाष कॉलोनी, दीवान जी की तलैया, जैविक हाट और मॉडल आंगनवाड़ी का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख जल स्रोतों का संरक्षण, नालों की नियमित सफाई और सार्वजनिक स्थलों का सुव्यवस्थित विकास प्रशासन की प्राथमिकता है।

सुभाष कॉलोनी में तय हुई समय सीमा-
कलेक्टर ने एसडीएम, सीएमओ और राजस्व अधिकारियों के साथ सुभाष कॉलोनी का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की स्पष्ट टाइमलाइन तय करते हुए निर्देश दिए कि तय समय में काम पूरा कर आम नागरिकों को राहत दी जाए।
दीवान जी की तलैया बनेगी जल संरक्षण का मॉडल-
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बताया कि दीवान जी की तलैया के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत सफाई, गहरीकरण, जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने और आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित करने का कार्य किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य इस जल निकाय को शहर के लिए स्थायी जल स्रोत के रूप में विकसित करना है।

60 दिनों में 9 बड़े नालों की सफाई का लक्ष्य-
बरसात से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने 9 बड़े नालों की सफाई का लक्ष्य तय किया है। कलेक्टर ने कहा कि यह कार्य युद्ध स्तर पर चलाकर 60 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा, जिससे शहर की जल निकासी व्यवस्था बेहतर हो सके।
जल-गंगा संवर्धन अभियान पर विशेष फोकस-
कलेक्टर ने कहा कि संसाधनों को बिखेरने के बजाय प्रशासन उन जल निकायों पर काम कर रहा है, जो शहर के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। जल-गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन सुनिश्चित किया जाएगा।
चुनौतियों के बीच आगे बढ़ रहा प्रशासन-
कलेक्टर ने स्वीकार किया कि अतिक्रमण, सीमित वित्तीय संसाधन और बेमौसम बारिश जैसी चुनौतियां सामने हैं, लेकिन प्रशासन इन बाधाओं को दूर कर योजनाओं को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जनप्रतिनिधियों और जनता से सहयोग की अपील-
कलेक्टर ने सांसदों एवं जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर आर्थिक सहयोग की मांग की है। साथ ही नागरिकों से भी अपील की कि वे जल संरक्षण के इस अभियान में सहभागी बनें। तलैया से निकलने वाली गाद और मिट्टी को भविष्य में आम उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई जा रही है।
अधिकारियों की रही उपस्थिति
दौरे के अवसर पर एसडीएम सौरव गंधर्व, नगर पालिका अधिकारी राजेंद्र सिंह लोधी, पीओ डूडा कपिल खरे सहित राजस्व एवं नगर पालिका की टीम विशेष रूप से उपस्थित रही।
प्रशासन का संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर का विकास केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही संभव है। जल स्रोतों का संरक्षण, स्वच्छता और अतिक्रमण मुक्त व्यवस्था में नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। यदि प्रशासन और जनता मिलकर कार्य करें, तो दमोह को स्वच्छ, जलसमृद्ध और व्यवस्थित शहर बनाने का लक्ष्य शीघ्र ही पूरा किया जा सकता
