(आचार्य नारायण वैष्णव )
इंदौर। इंदौर नगर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। नगर निगम द्वारा नसबंदी अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात इन दावों से उलट दिखाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2026 के शुरुआती तीन महीनों में 31 मार्च तक 13,640 लोग कुत्तों के हमले का शिकार होकर अस्पताल पहुंचे हैं। यह स्थिति साफ संकेत देती है कि सड़कों और कॉलोनियों में आवारा कुत्तों का आतंक कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है।
20 से अधिक क्षेत्र बने खतरनाक
डॉग बाइट की घटनाओं के आधार पर इंदौर नगर के कई क्षेत्रों को जोखिम वाले इलाके के रूप में चिन्हित किया गया है। खजराना की हिना कॉलोनी, शाहीन नगर मुख्य मार्ग और जमजम चौराहा सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। इसके अलावा आजाद नगर, चंदननगर, मूसाखेड़ी, एकता नगर, शांतिनगर, मरीमाता चौराहा बाणगंगा, कुलकर्णी का भट्टा, हेमू कालानी और मुखर्जी नगर में भी आवारा कुत्तों के झुंड लोगों के लिए परेशानी बन रहे हैं।गणेशधाम, बापट चौराहा, सुखलिया, विजयनगर, वीणा नगर, श्यामनगर, ग्राम तलावली चांदा और देवास नाका जैसे क्षेत्रों से भी लगातार घायलों के अस्पताल पहुंचने की जानकारी सामने आ रही है। कई जगहों पर सुबह-शाम लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है।
मार्च में तेजी से बढ़े हमले
आंकड़ों के अनुसार केवल मार्च महीने में ही 4,722 लोग कुत्तों के हमले में घायल हुए। इनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या भी काफी अधिक है। मार्च के दौरान 833 महिलाएं और 787 नाबालिग बच्चे कुत्तों के काटने का शिकार हुए, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ जाती है।
अभियान पर सवाल, लोगों में आक्रोश
नगर निगम वर्षों से आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी नसबंदी करने का दावा करता रहा है, लेकिन लगातार बढ़ती घटनाएं इन दावों पर प्रश्नचिन्ह लगा रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई इलाकों में कुत्तों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही।यह समस्या अब केवल असुविधा नहीं बल्कि जनसुरक्षा का मुद्दा बन चुकी है। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। नागरिकों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों पर नियंत्रण किया जाए और लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
