छिंदवाड़ा/ समर्पण, सेवा और संवेदनशीलता जब एक साथ जुड़ते हैं तो सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं रहती, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर छिंदवाड़ा की बेटी डॉ. रश्मि नेमा ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान और अकादमिक उत्कृष्टता को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (मानित विश्वविद्यालय), जयपुर में आयोजित पीजी स्कॉलर्स (बैच 2022) के ‘समावर्तनम्’ विदाई समारोह में डॉ. रश्मि नेमा (प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग) को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्थान के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा के करकमलों से प्रदान किया गया। इस दौरान डीन पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज़ प्रो. गोपेश मंगल सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी और प्राध्यापक भी उपस्थित रहे।
प्रशंसा पत्र में डॉ. रश्मि नेमा की चिकित्सा नैतिकता, करुणा और मानव सेवा के प्रति उनके समर्पण की विशेष सराहना की गई। साथ ही आयुर्वेद के सिद्धांतों को व्यवहारिक चिकित्सा में प्रभावी रूप से अपनाने और रोगियों को समग्र उपचार उपलब्ध कराने के उनके प्रयासों को भी रेखांकित किया गया। संस्थान ने उनके अनुशासित अध्ययन, शोध के प्रति रुचि और मरीजों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को उत्कृष्ट बताया।
संस्थान प्रशासन ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. नेमा अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। साथ ही आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने और समाज के कल्याण में योगदान देती रहेंगी।
डॉ. रश्मि नेमा की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि छिंदवाड़ा जिले के लिए भी गर्व का विषय बन गई है। इस सम्मान ने जिले के युवाओं और विशेष रूप से बेटियों को यह संदेश दिया है कि समर्पण, मेहनत और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।
