दमोह/ जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहरा गांव में फूड प्वाइजनिंग का मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि 10 अप्रैल शुक्रवार को मोहरा ग्राम के देवी मंदिर के पास भंडारे का आयोजन किया गया था, जिसमें गांव के बड़ी संख्या में लोगों ने भोजन किया था। भोजन करने के कुछ घंटों बाद ही ग्रामीणों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत शुरू हो गई। देर रात तक कई लोग एक-एक कर बीमार होने लगे, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार शनिवार 11 अप्रैल को बड़ी संख्या में मरीज जिला चिकित्सालय दमोह पहुंचे। बताया जा रहा है कि करीब 30 से 40 लोग इस घटना से प्रभावित हुए हैं। इनमें से लगभग 20 से अधिक मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है, जबकि अन्य मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेजगढ़ में भर्ती कराया गया है। कुछ मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर भी किया गया है।
सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए। मेडिकल टीम मोहरा गांव पहुंची और घर-घर सर्वे शुरू किया गया। टीम द्वारा भंडारे में बने भोजन के बारे में जानकारी ली जा रही है, साथ ही गांव के हैंडपंप और अन्य पेयजल स्रोतों की भी जांच की जा रही है। एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को उबला पानी पीने, साफ-सफाई रखने और बाहर का भोजन न करने की सलाह दी गई है।
ग्रामीणों के अनुसार भंडारे में भोजन करने के बाद देर रात अचानक कई लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हुई। कुछ लोगों को तेज पेट दर्द और कमजोरी महसूस होने लगी। रात में ही परिजन बीमार लोगों को निजी वाहनों और एंबुलेंस से तेजगढ़ स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। शनिवार सुबह तक मरीजों की संख्या बढ़ने लगी, जिसके बाद अस्पताल में एक साथ बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने से उपचार व्यवस्था तेज करनी पड़ी।
जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की टीम द्वारा सभी मरीजों का प्राथमिक परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां दी जा रही हैं। कई मरीजों को डिहाइड्रेशन की स्थिति में ड्रिप लगाई गई है। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है, हालांकि कुछ मरीजों को निगरानी में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में दवा वितरण, क्लोरीन की गोलियां बांटने और स्वच्छता अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी व्यक्ति में उल्टी-दस्त के लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है और भंडारे में परोसे गए भोजन के कारणों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला फूड प्वाइजनिंग का है या दूषित पानी की वजह से लोग बीमार हुए हैं। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में लगातार निगरानी बनाए हुए है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
