इंदौर/शहर में बहुमंजिला जी-थ्री श्रेणी की इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद अब सख्ती शुरू हो गई है। प्रशासन ने पूर्व में भवन मालिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाने और मानकों का पालन करने के लिए 15 दिन का समय दिया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद शनिवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया गया।
जन सुरक्षा को देखते हुए कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि हाल के समय में बहुमंजिला इमारतों में आगजनी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए फायर सेफ्टी को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान पाया गया कि कई व्यावसायिक भवनों में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, फायर हाइड्रेंट, स्मोक डिटेक्टर और पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। कुछ भवनों में लगाए गए उपकरण अनुपयोगी अवस्था में पाए गए, जबकि कई स्थानों पर आपातकालीन निकास मार्ग अवरुद्ध थे। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए टीम ने तत्काल सीलिंग की कार्रवाई की।
संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण
जिला प्रशासन एवं नगर निगम की संयुक्त टीम ने जूनी इंदौर क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर व्यावसायिक भवनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सम्राट अशोक नगर क्षेत्र में स्थित जेएमसी होटल सहित प्लॉट क्रमांक 2, 10 और 11 में संचालित विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था अपूर्ण पाई गई। इसके चलते होटल, दुकानें, शोरूम, जिम एवं लाइब्रेरी को सील करने की कार्रवाई की गई।
एसडीएम ने दी जानकारी
जूनी इंदौर एसडीएम धनश्याम धनगर ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सभी भवन मालिकों को पहले ही निर्देश जारी किए गए थे कि वे निर्धारित समय के भीतर फायर सेफ्टी उपकरण स्थापित कर लें और प्रमाणित कराएं। इसके बावजूद लापरवाही बरतने वालों पर सीधी कार्रवाई की जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में शहर के अन्य व्यावसायिक एवं बहुमंजिला भवनों की भी जांच की जाएगी। जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिलेगी, उनके खिलाफ सीलिंग, जुर्माना और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भवन संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
अधिकारी रहे मौजूद
इस अभियान के दौरान तहसीलदार राकेश सस्तिया, कमलेश कुशवाह, नायब तहसीलदार डीपी सोनी, फायर ऑफिसर विनोद मिश्रा, बीओ आनंद रैदास सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। टीम ने मौके पर ही दस्तावेजों की जांच कर आवश्यक निर्देश भी दिए।प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे जिन भवनों में कार्यरत हैं या जिनका उपयोग करते हैं, वहां फायर सेफ्टी व्यवस्था की जानकारी रखें और किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
