दमोह/ गायत्री शक्तिपीठ दमोह में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 2025 का जिला स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे,विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी एस.के. नेमा एवं कुलपति डॉ. पवन जैन मौजूद रहे।
इस अवसर पर जिले भर के 126 विद्यालयों एवं 4 कॉलेजों से 10 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं की सहभागिता वाली भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। प्रत्येक श्रेणी में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कुल 52 प्रतिभागियों को मंच से प्रमाणपत्र, नकद पुरस्कार एवं युग निर्माण साहित्य प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि उनके परिवार को गायत्री परिवार से मिले संस्कारों ने जीवन को नई दिशा दी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1995 में जबलपुर में आयोजित अश्वमेध यज्ञ के दौरान उन्हें गुरु दीक्षा मिली, जिसका प्रभाव आज भी उनके जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि “मेरा पूरा परिवार व्यसन मुक्त है, जिसका श्रेय गायत्री परिवार के संस्कारों को जाता है।”
जिला शिक्षा अधिकारी एस.के. नेमा एवं कुलपति डॉ. पवन जैन ने भी गायत्री परिवार द्वारा किए जा रहे समाज जागरण एवं संस्कार निर्माण के कार्यों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं गुरु वंदना के साथ हुआ। मड़ियादो से आए संगीत दल—रामकिशुन मिश्रा, रामशंकर छिरोलिया, दिवाकांत श्रीवास्तव एवं साहू जी—ने प्रज्ञा गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को देशभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
