दमोह/ जिला मुख्यालय स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। इस अवसर पर भाजपा नेता पारुल साहू ने स्थानीय पत्रकारों को संबोधित करते हुए अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को विस्तार से रखा। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष श्रीमती सुमन उपाध्याय, जिला मंत्री श्रीमती श्यामा उरैती, श्रीमती सुधा सेन, श्रीमती विनीता परस्ते, जिला सह कोषाध्यक्ष श्रीमती कुसुम खरे, अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्रीमती अनीता सिंह एवं श्रीमती गिरजा साहू सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
महिलाओं को “वोट बैंक” नहीं, निर्णयकर्ता बनाने पर जोर
पारुल साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देखा गया सपना अब साकार हो रहा है, जिसमें देश की आधी आबादी को उनका उचित स्थान और अधिकार दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कानून के तहत संसद, विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं को एक-तिहाई (लगभग 33%) आरक्षण मिलेगा, जिससे उनकी भागीदारी सीधे निर्णय लेने की प्रक्रिया में सुनिश्चित होगी।उन्होंने कहा, “अब तक महिलाओं को केवल वोट बैंक या योजनाओं के लाभार्थी के रूप में देखा गया, लेकिन अब उन्हें नीति निर्माण का हिस्सा बनाया जा रहा है। जब मातृशक्ति सशक्त होती है, तब राष्ट्र भी सशक्त होता है।”
विपक्ष पर साधा निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान पारुल साहू ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों तक महिलाओं को केवल चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल किया।उन्होंने आरोप लगाया कि इसी मानसिकता के कारण महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व लंबे समय तक 4% से 10% के बीच ही सीमित रहा।
2014 के बाद बदलाव का दावा
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद महिलाओं की भागीदारी में लगातार वृद्धि हुई है और अब उन्हें समान अधिकार, सम्मान और अवसर देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
पत्रकारों के सवालों के दिए जवाब
पत्रकारों द्वारा महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक स्थिति को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में पारुल साहू ने कहा कि महिलाओं की स्थिति कमजोर होने का प्रमुख कारण उन्हें केवल “वोट बैंक” समझने की सोच रही है।उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा इस सोच को बदलते हुए महिलाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
समानता और सशक्तिकरण का संदेश
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि यह अधिनियम केवल आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को सम्मान, अधिकार और निर्णय क्षमता प्रदान करने का व्यापक प्रयास है। भाजपा का उद्देश्य महिलाओं को हर स्तर पर बराबरी का अवसर देना है।प्रेस वार्ता के बाद जिले में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
