दमोह, 22 अप्रैल (बुधवार)जिले के नवागत कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अपनी पहली समय-सीमा (टीएल) बैठक लेते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर स्पष्ट और कड़े संकेत दिए। बैठक में सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल आंकड़े पूरे करना नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है। इसलिए हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए और कार्यों का परिणाम जमीन पर दिखाई दे।
बैठक की शुरुआत में ही कलेक्टर ने समय-सीमा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक तय तारीख नहीं, बल्कि जनता से किया गया वादा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि काम में ढिलाई बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई से भी परहेज नहीं किया जाएगा।
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि प्रशासन की हर कार्रवाई सीधे आमजन के जीवन को प्रभावित करती है। ऐसे में केवल कागजी कार्यवाही पूरी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि “जनहित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी के आधार पर प्रशासनिक निर्णय लिए जाएंगे।”
कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रो-एक्टिव अप्रोच अपनाने के निर्देश देते हुए कहा कि समस्याओं के उत्पन्न होने का इंतजार न करें, बल्कि पहले से ही आवश्यक तैयारी करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बारिश के समय जलभराव की स्थिति बनने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अभी से नालों की सफाई सुनिश्चित की जाए। इसी तरह सड़क हादसों के बाद सुधार करने के बजाय अंधे मोड़ों को पहले से सुरक्षित बनाया जाए।
विभागीय समन्वय को बेहतर प्रशासन की कुंजी बताते हुए कलेक्टर ने कहा कि अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल से ही योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है। HPV टीकाकरण अभियान की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास और शिक्षा विभाग को मिलकर कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि लक्ष्य समय पर पूरा हो सके।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। गेहूं खरीदी, स्लॉट बुकिंग और उपार्जन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने खाद्य विभाग को निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित हो।
आगामी बारिश को देखते हुए कलेक्टर ने जिले के सभी नगरीय निकायों को नालों की सफाई अभियान के रूप में करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से सुभाष कॉलोनी में हर साल होने वाले जलभराव को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि इस बार वहां जलभराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए और इसके लिए अभी से ठोस तैयारी की जाए।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग को सभी पुल-पुलियों का निरीक्षण करने और उनकी स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग को भी सख्त निर्देश दिए गए कि वाहनों की नियमित जांच की जाए और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
बैठक के दौरान नगर पालिका और शहरी विकास से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। फायर ब्रिगेड की स्थिति को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली गई, जिसमें बताया गया कि सभी संसाधन अपडेट हैं। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक सेवाएं हर समय पूरी तरह क्रियाशील रहें।
अन्य बिंदुओं में खाद्य सामग्री और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को सामान्य बताया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने जानकारी दी कि जिले में कहीं भी बाल विवाह की सूचना नहीं है। जनगणना प्रशिक्षण कार्य भी चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही जलगंगा संवर्धन अभियान की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
बैठक में एडीएम मीना मसराम, सहायक कलेक्टर एवं एसडीएम हटा ऋषिकेश विजय ठाकरे, जिला योजना अधिकारी अल्का दास सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
