इंदौर ,22 अप्रैल 2026इंदौर में सार्वजनिक स्थान पर चाकू लेकर लोगों में भय का माहौल बनाने वाले आरोपी को न्यायालय ने एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, इंदौर श्रीमती विधि डागलिया द्वारा निर्णय पारित किया गया।प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन श्री राजेन्द्र सिंह भदौरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि बाणगंगा थाना क्षेत्र के प्रकरण क्रमांक 9211205/2013 में न्यायालय ने आरोपी अनिल पिता सुधाकर रायपुरे (उम्र 25 वर्ष), निवासी इंदौर को दोषी पाते हुए धारा 25(1-बी)(बी) आयुध अधिनियम के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
घटना का विवरण:
अभियोजन के अनुसार, दिनांक 27 मार्च 2013 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि निरंजनपुर चौराहे पर एक व्यक्ति खुलेआम हाथ में चाकू लेकर घूम रहा है और लोगों में दहशत फैला रहा है। सूचना मिलते ही प्रधान आरक्षक मौके पर पहुंचे और राहगीरों सतीश धूत एवं बाबूलाल को पंच साक्षी बनाकर मौके की तस्दीक की।पुलिस द्वारा घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा गया और उसके कब्जे से चाकू बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अनिल रायपुरे बताया। जब उससे चाकू रखने का वैध लाइसेंस मांगा गया, तो वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर चाकू जब्त किया और थाना बाणगंगा में अपराध क्रमांक 237/2013 कायम किया गया। जांच पूरी होने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन पक्ष की भूमिका:
मामले में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती प्रीति यादव द्वारा की गई, जिनके तर्कों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया।
निष्कर्ष:
इस फैसले को सार्वजनिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे यह संदेश जाता है कि अवैध हथियार लेकर सार्वजनिक स्थान पर उत्पात मचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
