( डॉ. एल.एन. वैष्णव )
दमोह, 14 मई 2026 /प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने गुरुवार को दमोह में आयोजित विस्तृत पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय मुद्दों से लेकर जिले के विकास कार्यों तक अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। पत्रकार वार्ता में दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेंद्र सिंह लोधी तथा हटा विधायक उमादेवी खटीक भी उपस्थित रहे।
करीब लंबे समय तक चली इस पत्रकार वार्ता में प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने राष्ट्रीय संकट के समय जनता की भूमिका, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, आत्मनिर्भरता, मितव्ययिता, पर्यावरण संरक्षण, किसानों के हित, जल संरक्षण, पेयजल व्यवस्था, सांदीपनी विद्यालयों और जिले के विकास कार्यों को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से सामने रखा।
राष्ट्रीय संकट में जनता की शक्ति सबसे बड़ी
प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारत की पहचान ही जनशक्ति और सामाजिक एकता रही है। जब-जब देश पर संकट आया, तब-तब जनता ने सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का उल्लेख करते हुए कहा कि युद्ध और खाद्यान्न संकट के दौर में शास्त्री जी ने “जय जवान, जय किसान” का नारा देकर देशवासियों में नई ऊर्जा का संचार किया था। उस समय लोगों ने व्यक्तिगत सुविधाओं का त्याग कर राष्ट्रहित को सर्वोपरि माना था।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उसी भावना के साथ देश को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कभी संकटों को छिपाने का प्रयास नहीं किया, बल्कि जनता को विश्वास में लेकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
आत्मनिर्भर भारत ही भविष्य की ताकत
प्रभारी मंत्री ने कहा कि आर्थिक स्वावलंबन वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए संसाधनों का संतुलित उपयोग, बचत और मितव्ययिता जरूरी है।उन्होंने कहा कि यदि समाज अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करे और स्थानीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा दे, तो देश आर्थिक रूप से और अधिक सक्षम बन सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान को देश की दीर्घकालीन मजबूती का आधार बताया।उन्होंने कहा कि विदेशी वस्तुओं पर अत्यधिक निर्भरता कम करना और स्वदेशी सोच को अपनाना समय की आवश्यकता है।
कोरोना संकट से मिली सीख
प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि देश ने कोरोना महामारी जैसे कठिन दौर को एकजुट होकर पार किया है। उस समय भारत ने न केवल अपने नागरिकों की रक्षा की, बल्कि दुनिया के कई देशों को भी सहायता पहुंचाई। उन्होंने कहा कि यह भारत की क्षमता, नेतृत्व और जनशक्ति का प्रमाण है।
पर्यावरण संरक्षण को बनाया व्यक्तिगत संकल्प
पत्रकार वार्ता के दौरान प्रभारी मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी व्यक्तिगत पहल को भी प्रमुखता से साझा किया। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से 2:30 बजे तक अपने परिसर की बिजली बंद रखते हैं।उन्होंने कहा कि एसी और अन्य उपकरणों से निकलने वाली गर्मी पर्यावरण असंतुलन को बढ़ाती है। इसलिए ऊर्जा बचत केवल आर्थिक विषय नहीं बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि यह उनका प्रकृति और धरती माता के प्रति छोटा सा दायित्व है।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर जताई गंभीर चिंता
प्रभारी मंत्री ने सिंगल यूज प्लास्टिक को मानव जीवन और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक जलाने से निकलने वाली जहरीली गैसें कैंसर जैसी बीमारियों को जन्म देती हैं, जबकि खेतों और जल स्रोतों में पहुंचकर यह मिट्टी की गुणवत्ता और प्राकृतिक संतुलन को नष्ट करती है।उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं अपने घर और किचन को प्लास्टिक मुक्त बनाने का प्रयास किया है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी वे लोगों को प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित करते हैं।उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति छोटे-छोटे प्रयास करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े परिवर्तन संभव हैं।
दमोह में विकास कार्यों पर सरकार का फोकस
प्रभारी मंत्री ने कहा कि दमोह जिले में विकास कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्य समयसीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग सहित सभी निर्माण एजेंसियों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता को विकास कार्यों का सीधा लाभ मिलना चाहिए।
सांदीपनी विद्यालयों के भवन अगस्त तक तैयार होंगे
शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले में निर्माणाधीन सांदीपनी विद्यालयों के भवन अगस्त माह तक तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है।
पेयजल संकट से निपटने के निर्देश
भीषण गर्मी को देखते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि पेयजल व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत और आवश्यकता अनुसार नए बोर कराने के निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी तथा अधिकारी लगातार निगरानी बनाए रखें।
किसानों के हित में सरकार प्रतिबद्ध
गेहूं उपार्जन को लेकर प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार ने 23 मई तक सभी पंजीकृत किसानों से गेहूं खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि बारदाना और वेयरहाउस से जुड़ी शुरुआती तकनीकी समस्याओं को दूर कर लिया गया है।उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए उपार्जन केंद्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर खरीदी अवधि बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।
जल गंगा संवर्धन अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर
जल संरक्षण के विषय पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जल संकट सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है, इसलिए समाज की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने लोगों से जल संरक्षण को केवल सरकारी अभियान न मानकर सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने की अपील की।
पत्रकार वार्ता के अंत में प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों से नहीं होता, बल्कि जनता की सहभागिता, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक चेतना से होता है। उन्होंने कहा कि यदि देश का प्रत्येक नागरिक अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाए तो भारत दुनिया के सामने एक मजबूत और प्रेरणादायी राष्ट्र के रूप में और अधिक प्रभावी ढंग से उभरेगा।
