दमोह, 15 जून। जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रताप नारायण यादव ने सोमवार, 15 जून को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों में गंभीरता और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए।
ज्ञात हो कि जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक सोमवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें जिले के सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी शामिल होते हैं। बैठक में विभागवार प्रगति कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ लंबित शिकायतों, जनसमस्याओं, शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और समय-सीमा वाले प्रकरणों के निराकरण की स्थिति पर चर्चा की जाती है।

सोमवार, 15 जून को आयोजित बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से सीधे संवाद करते हुए उनके कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही आगामी सप्ताह में किन-किन बिंदुओं पर प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाना है, इसके संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कुछ विभागों के कार्यों पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर बेहतर परिणाम देने के निर्देश दिए।
बी.एड. कॉलेजों में अतिरिक्त फीस वसूली की होगी जांच
बैठक के दौरान कलेक्टर के संज्ञान में यह मामला आया कि जिले के कुछ बी.एड. कॉलेज शासन द्वारा निर्धारित 60 हजार रुपये की फीस से अधिक राशि वसूल रहे हैं तथा विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने डाइट प्राचार्य और हटा व दमोह के संबंधित एसडीएम को तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों से सीधे फीडबैक लिया जाए तथा यदि कोई संस्थान निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी प्रकरणों पर विशेष जोर
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय नागरिकों की वास्तविक समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाए, ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा
आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के संबंध में तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को कार्यक्रम को भव्य, सुव्यवस्थित और जनभागीदारी आधारित बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने को कहा।
मेडिकल स्टोर्स की होगी नियमित जांच
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से ड्रग इंस्पेक्टरों और सहकारी निरीक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग सब-डिवीजनों का भ्रमण कर मेडिकल स्टोर्स की जांच करें।
कलेक्टर ने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। दवाओं की गुणवत्ता, वैधता और उपलब्धता में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हेलीपैड निर्माण के लिए भूमि चिन्हांकन में तेजी लाने के निर्देश
शासन के निर्देशानुसार तहसील और नगरीय निकाय स्तर पर हेलीपैड निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि का चयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य अपमिश्रण रोकने विशेष अभियान चलाने के निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग को ग्रामीण और आंतरिक क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर मिलावटी और घटिया गुणवत्ता की खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही पैकेज्ड वाटर और पानी के पाउच की एक्सपायरी डेट की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि लोगों के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता न हो।
जनकल्याणकारी शिविरों में मौके पर मिले लाभ
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर चल रहे जनकल्याणकारी शिविरों में आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान करें।
उन्होंने खसरा-खतौनी की नकल, लाड़ली बहना योजना के प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, संबल योजना के कार्ड और अन्य हितलाभों का त्वरित वितरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
अनुभाग स्तर पर भी होंगी नियमित समीक्षा बैठकें
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि जिला स्तर की बैठक की तर्ज पर वे अपने-अपने अनुभाग स्तर पर सप्ताह में कम से कम एक दिन सभी विभागीय अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित करें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक का स्पष्ट एजेंडा तय किया जाए, लंबित प्रकरणों की समीक्षा की जाए और विभागीय समन्वय बढ़ाकर समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराए जाएं, ताकि आम नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने दोहराया कि प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
