जटाशंकर मंदिर से कलेक्ट्रेट तक गूंजे ‘जय जागेश्वरनाथ‘ के जयकारे, अतिक्रमण हटाने, विकास कार्य में बाधा डालने वालों पर कार्रवाई और कॉरिडोर निर्माण में तेजी लाने की मांग

दमोह, 30 जून/बुंदेलखंड के प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ देव जागेश्वरनाथ मंदिर, बांदकपुर के प्रस्तावित भव्य कॉरिडोर निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर कराने की मांग को लेकर मंगलवार को जिलेभर से हजारों की संख्या में शिवभक्त, धर्मप्रेमी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि दमोह पहुंचे। श्रद्धालुओं ने स्थानीय जटाशंकर मंदिर से कलेक्ट्रेट तक विशाल पदयात्रा निकाली। इस दौरान “जय जागेश्वरनाथ” और “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा मार्ग गुंजायमान रहा। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के नाम दमोह कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में श्रद्धालुओं ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने बांदकपुर धाम के समग्र विकास के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से भव्य कॉरिडोर निर्माण की घोषणा की है। इस परियोजना से श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन, व्यवस्थित पार्किंग, धर्मशालाएं, विश्राम स्थल, प्रसाद वितरण, भोजनालय, सुलभ शौचालय सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और पूरे क्षेत्र के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
‘अतिक्रमण हटे, तभी बनेगा भव्य कॉरिडोर‘
ज्ञापन में मांग की गई कि मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार एवं आसपास के क्षेत्र से अतिक्रमण हटाकर कॉरिडोर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु देव जागेश्वरनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं, ऐसे में मंदिर परिसर का सुव्यवस्थित विकास अत्यंत आवश्यक है।
श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग कॉरिडोर निर्माण को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं तथा विकास कार्य में बाधा डाल रहे हैं। उनका कहना था कि सनातन आस्था और लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए शासन-प्रशासन को शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।
सरपंच पर लगाए गंभीर आरोप
ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बांदकपुर ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा कॉरिडोर परियोजना का लगातार विरोध किया जा रहा है। उनका दावा है कि पूर्व में जिला प्रशासन की बैठक के दौरान सरपंच ने मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन की गई परियोजना को बांदकपुर के लिए “विनाशकारी” बताया था और कॉरिडोर की आवश्यकता पर भी सवाल उठाए थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।
इसी संदर्भ में पुलिस अधीक्षक को भी अलग से ज्ञापन सौंपकर सरपंच के विरुद्ध नियमानुसार मामला दर्ज करने तथा जिला बदर जैसी कार्रवाई की मांग की गई। (यह आरोप ज्ञापन सौंपने वाले पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।)
प्रशासन की भूमिका पर भी उठाए सवाल
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कॉरिडोर निर्माण के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने और अतिक्रमण हटाने की दिशा में जिला प्रशासन अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य में आ रही सभी बाधाओं को शीघ्र दूर किया जाए।
पहले भी विवादों में रहा है मामला
उल्लेखनीय है कि देव जागेश्वरनाथ मंदिर कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला गत वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रखी थी। राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के प्रयासों से परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद प्रारंभिक कार्य शुरू हुआ।
गत माह कॉरिडोर निर्माण एवं अतिक्रमण के मुद्दे पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव, जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान आरोप-प्रत्यारोप सामने आए थे। बैठक के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला व्यापक चर्चा का विषय बना था। उसी दौरान बांदकपुर सरपंच सहित स्थानीय लोगों ने प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए अतिक्रमण संबंधी आरोपों से असहमति भी व्यक्त की थी।
बड़ी संख्या में रहे उपस्थित
पदयात्रा एवं ज्ञापन कार्यक्रम में सकल हिंदू समाज के अध्यक्ष कपिल सोनी, वरिष्ठ पंडित पौराणिकजी, कृष्णा पटेल, आशीष कटारे, वीरू नेमा, मोनू पाठक, अरविंद पाठक, भूरा अहिरवाल, सतीश तिवारी, रिंकी जैन, अब्बू जैन, करणी सेना दल के पदाधिकारी, डब्ल्यू जैन, जीवन जैन सहित बांदकपुर एवं जिलेभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और धर्मप्रेमी शामिल हुए।
