इंदौर, 30 जून।इंदौर जिले के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में मंगलवार को पंचम अपर सत्र न्यायालय, डॉ. अंबेडकर नगर (महू) ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 18 दोषियों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों को हत्या, बलवा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के अपराध में दोषी ठहराते हुए कुल 1.24 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक संचालक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि पंचम अपर सत्र न्यायाधीश भरत कुमार व्यास ने थाना बड़गोंदा के अपराध क्रमांक 16/2019 में आरोपी शाहिद, मंजूर, मोहम्मद बाशिद, मोहम्मद जैद, सद्दाम, मोहम्मद जाकिर, अबरार, मोहम्मद साबिर, मोहम्मद ईरफान, नूरजहां, मोहम्मद सूफियान, मोहम्मद शाकिर, वसीम, शोएब उर्फ कल्ला, मोहम्मद शोहेब उर्फ पोंडू, तनवीर, नईम बी तथा मोहम्मद हमूद सहित 18 आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 (दो काउंट) के तहत दोहरे आजीवन कारावास से दंडित किया। इसके अलावा धारा 148 एवं 427 के तहत क्रमशः तीन वर्ष और एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आनंद नेमा ने पैरवी की।
पुरानी रंजिश बनी दोहरे हत्याकांड की वजह
अभियोजन के अनुसार, 18 जनवरी 2019 की सुबह करीब 6:30 बजे मोहम्मद युसूफ और मोहम्मद शरीफ मोटरसाइकिल से दूध देने महू जा रहे थे। उनके पीछे मोहम्मद यूनुस और नूरूल इस्लाम भी चल रहे थे। आरोप है कि बंडा बस्ती में नूरजहां के घर के सामने पहुंचते ही नूरजहां ने दोनों पर लाल मिर्च पाउडर फेंका और अन्य आरोपियों को बुलाया। इसके बाद आरोपियों ने लोहे के पाइप, तलवार, डंडे और फालिये से हमला कर दोनों पर जानलेवा वार किए तथा उनकी मोटरसाइकिल और दूध की टंकियों में भी तोड़फोड़ की।
घटना के बाद घायलों को पहले डोंगरगांव पुलिस चौकी और फिर उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल मोहम्मद युसूफ की एमवाय अस्पताल इंदौर में तथा मोहम्मद शरीफ की गोकुलदास अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
विवेचना के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला
पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त हथियार एवं अन्य सामग्री बरामद की। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर अदालत ने 18 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले में एक आरोपी मुसैब उर्फ दाढ़ी फरार होने के कारण उसके विरुद्ध विवेचना पृथक रूप से जारी है।
यह फैसला वर्ष 2019 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में अभियोजन पक्ष की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
