दमोह। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए दमोह जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर शुक्रवार सुबह से संयुक्त कलेक्ट्रेट परिसर में विशेष यातायात जांच अभियान शुरू किया गया। अभियान के पहले ही दिन कलेक्ट्रेट के मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभाल लिया और बिना हेलमेट, बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) तथा बिना सीट बेल्ट के आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया।
सुबह करीब 9 बजे से यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को के नेतृत्व में बड़ी संख्या में यातायात पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंच गए। संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के चारों ओर के अधिकांश प्रवेश मार्ग बंद कर दिए गए और केवल एक मुख्य गेट से ही प्रवेश की व्यवस्था की गई, जहां प्रत्येक वाहन की बारीकी से जांच की गई।
कलेक्ट्रेट गेट पर हुई सघन जांच

अभियान के दौरान दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट पहनने, वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगे होने तथा चारपहिया वाहन चालकों द्वारा सीट बेल्ट लगाने की जांच की गई। नियमों का पालन नहीं करने वालों को गेट पर ही रोक दिया गया। कई लोगों को वापस लौटना पड़ा, जबकि कुछ वाहन चालकों को समझाइश देकर नियमों का पालन करने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गई।
जांच के दौरान यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को के साथ एएसआई हरिश्चंद्र, आरक्षक कुलदीप, सिद्धांत सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
अधिकारियों और कर्मचारियों में दिखी हलचल
अभियान का सबसे बड़ा असर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर देखने को मिला। कई कर्मचारी बिना हेलमेट के कार्यालय पहुंचे तो उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। कुछ कर्मचारी पुलिस से निवेदन करते नजर आए कि “आज तो जाने दीजिए साहब”, जबकि कुछ लोग कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश न मिलने पर गेट के बाहर से ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास करते दिखाई दिए।
अचानक हुई इस सख्ती से पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में हलचल और हड़कंप का माहौल देखने को मिला।
एक सप्ताह पहले ही दी गई थी चेतावनी
गौरतलब है कि 24 जुलाई को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को लिखित निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कहा था कि कार्यालय आने वाले प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के लिए हेलमेट पहनना तथा वाहन संबंधी सभी यातायात नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
इसके लिए प्रशासन ने एक सप्ताह का समय भी दिया था ताकि सभी कर्मचारी हेलमेट खरीद सकें और नियमों का पालन शुरू कर दें। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि समय सीमा समाप्त होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर वेतन कटौती जैसी विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
अब एक सप्ताह की अवधि पूरी होने के बाद प्रशासन ने सख्ती से कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
बिना हेलमेट और सीट बेल्ट प्रवेश नहीं

यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को ने बताया कि अब कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए यातायात नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि—
“हेलमेट, सीट बेल्ट और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट केवल औपचारिकता नहीं बल्कि कानून का हिस्सा हैं। कलेक्ट्रेट में आने वाले सभी अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिकों को इन नियमों का पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों को प्रवेश नहीं मिलेगा और आवश्यक होने पर चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके विरुद्ध भी समान रूप से कार्रवाई की जाएगी।
‘कार्रवाई की शुरुआत अपने घर से‘ – कलेक्टर
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगा।
उन्होंने कहा कि—
“हमने कार्रवाई की शुरुआत अपने ही घर यानी कलेक्ट्रेट से की है। जब अधिकारी और कर्मचारी स्वयं नियमों का पालन करेंगे, तभी समाज में सही संदेश जाएगा। इसके बाद यही अभियान आम जनता के बीच भी लगातार चलाया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि लोगों का जीवन सबसे अधिक महत्वपूर्ण है और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सड़क दुर्घटनाएं रोकना है उद्देश्य
कलेक्टर ने कहा कि भारत सरकार, मध्य प्रदेश शासन तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग दुर्घटना की स्थिति में लोगों की जान बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।
प्रशासन का मानना है कि यदि सभी लोग यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करें तो सड़क हादसों में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
निरंतर जारी रहेगा अभियान
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि अब नियमित रूप से जारी रहेगा। आने वाले दिनों में शहर के प्रमुख चौराहों, शासकीय कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर भी हेलमेट, सीट बेल्ट तथा अन्य यातायात नियमों का पालन कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे चालान या कार्रवाई के डर से नहीं, बल्कि अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
