जिलेवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कलेक्टर ने कहा—सामर्थ्य के अनुसार हरा चारा, रोटी, गुड़ और केला खिलाकर गौ संरक्षण में दें योगदान
दमोह, 03 सितम्बर 2026। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिलेवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके गौप्रेम का स्मरण कराया। उन्होंने जिले के नागरिकों से आह्वान किया कि जन्माष्टमी के अवसर को केवल धार्मिक उत्सव के रूप में न मनाते हुए सेवा, संवेदना और गौ संरक्षण के संकल्प के साथ मनाएं।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन में गौ सेवा और गौ संरक्षण को विशेष महत्व दिया। भगवान श्रीकृष्ण का गौमाता के प्रति प्रेम भारतीय संस्कृति में गौ सेवा की भावना का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ऐसे में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर गौशाला पहुंचकर गौमाताओं की सेवा करना भगवान श्रीकृष्ण के प्रति सच्ची आस्था और श्रद्धा व्यक्त करने का एक सार्थक माध्यम हो सकता है।उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार अपने नजदीकी गौशाला में पहुंचे और गौमाताओं की सेवा करे। श्रद्धालु गौमाताओं को हरा चारा, रोटी, गुड़ एवं केला खिलाकर इस पावन पर्व को सेवा भाव के साथ मना सकते हैं।
जन्माष्टमी को सेवा और संवेदना का पर्व बनाने का आह्वान
कलेक्टर ने कहा कि गौमाता की सेवा, संरक्षण और संवर्धन केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही गौ संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है। जन्माष्टमी जैसे पवित्र अवसर पर यदि लोग गौशालाओं में पहुंचकर गौमाताओं की सेवा करते हैं तो इससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक संवेदना का भी संदेश जाएगा।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलते हुए जीवों के प्रति करुणा, सेवा और संरक्षण की भावना को अपने जीवन में उतारना ही पर्व की वास्तविक सार्थकता है।
गौशाला पहुंचकर सेवा करें, दूसरों को भी प्रेरित करें
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिलेवासियों से आग्रह किया कि वे जन्माष्टमी के अवसर पर अपने परिवार के साथ नजदीकी गौशाला पहुंचें और गौमाताओं की सेवा करें। उन्होंने कहा कि अपनी क्षमता के अनुसार किया गया छोटा सा सहयोग भी गौशालाओं और गौ संरक्षण के कार्य में महत्वपूर्ण योगदान बन सकता है।उन्होंने जिलेवासियों से इस पावन पर्व को श्रद्धा के साथ-साथ सेवा, करुणा और संवेदना के भाव से मनाने का आह्वान करते हुए सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
