सेंट्रल कोतवाली पुलिस की कार्रवाई सफल, न्यायालय ने 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया
इंदौर। पटेल ब्रिज के नीचे स्थित पार्किंग से एक्टिवा चोरी करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
उपनिदेशक अभियोजन राजेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि 29 जुलाई 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, इंदौर श्रीमती रेखा तिवारी की अदालत ने थाना सेंट्रल कोतवाली के प्रकरण क्रमांक 11721/2025 में आरोपी लखन भील पिता रामप्रसाद भील (45 वर्ष), निवासी इंदौर को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत दोषी पाते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती बसंती गिरवाल ने प्रभावी पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार फरियादी नरेन्द्र सियागंज में कमीशन एजेंट का कार्य करता है। उसने 3 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 12 बजे अपनी होंडा एक्टिवा (क्रमांक एमपी-09-एसक्यू-3658, मॉडल-2013) पटेल ब्रिज के नीचे स्थित पार्किंग में खड़ी की थी और अपने काम पर चला गया। शाम करीब 8 बजे वापस लौटने पर उसने देखा कि उसकी स्कूटी पार्किंग से गायब थी।
फरियादी ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन वाहन का कोई पता नहीं चला। इसके बाद उसने थाना सेंट्रल कोतवाली पहुंचकर अज्ञात चोर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 161/2025 के तहत बीएनएस की धारा 303(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नक्शा तैयार किया, फरियादी एवं अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए तथा तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी लखन भील को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी गई एक्टिवा बरामद कर जब्त की। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास तथा 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
